script मिट्टी परीक्षण : खालवा ब्लॉक की मिट्टी कमजोर, पुनासा की अधिक उपजाऊ | Soil test: Khalwa block's soil is weak, Punasa's more fertile | Patrika News

मिट्टी परीक्षण : खालवा ब्लॉक की मिट्टी कमजोर, पुनासा की अधिक उपजाऊ

locationखंडवाPublished: Jan 05, 2024 11:42:09 am

Submitted by:

Rajesh Patel

मिट्टी परीक्षण के लिए ब्लॉकवार लिए 10 हजार से अधिक लिए सैंपल, 6300 किसानों को बांटे स्वाइल हैल्थ कार्ड

Khalwa block's soil is weak, Punasa's is more fertile
मिट्टी परीक्षण केंद्र पर लैब में जांच करते मृदा वैज्ञानिक
जिले की मिट्टी में पोटाश की मात्रा अच्छी होने से उत्पादन बेहतर है। सल्फर, और फास्फोरस की कमी से किसानों की फसलें कमजोर हो रही है। इसकी पूर्ति उन्हें बाजार से क्रय करना पड़ रहा है। मिट्टी परीक्षण में पुनासा, पंधाना और छैगांव माखन की सबसे अधिक उपजाऊ है। इन ब्लाकों की तुलना में खालवा की मिट्टी में पोषण तत्व कमजोर हैं। इसकी जानकारी छह हजार से अधिक किसानों को जारी किए गए स्वाइल हैल्थ कार्ड में सामने आई है।
अब तक दस हजार सैंपल लिए गए

जिले में मिट्टी परीक्षण के लिए अब तक दस हजार सैंपल लिए गए हैं। इसमें 6300 किसानों के मिट्टी के नमूनों के परीक्षण के दौरान मिट्टी में नाइट्रोजन औसत 240-263 किग्रा मात्रा मिली है। जबकि नाइट्रोजन का मानक स्तर प्रति हेक्टेयर 250-400 किलोग्राम है। इस औसत से न तो बहुत कम है और न ही अधिक है। सबसे अधिक पोषक तत्व पोटाश में औसत 400 किग्रा है। इसका मानक स्तर प्रति हेक्टेयर औसत 130-200 किग्रा तक है। उपजाऊ मिट्टी में पोटाश की तुलना में सल्फर और फास्फोरस की बेहद कमी है। इसके अलावा अन्य पोषण तत्वों की स्थिति औसत सामान्य है।
6300 से अधिक किसानों के स्वाइल हैल्थ कार्ड जारी

ब्लाकों से मिट्टी परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय पर भेजे गए नमूनों में से अब तक 6300 से अधिक किसानों के स्वाइल हैल्थ कार्ड जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि शिविर के दौरान किसानों के स्वाइल हैल्थ कार्ड वितरण हो रहे हैं।
फैक्ट फाइल

ब्लाक स्वाइल हैल्थ कॉर्ड

खंडवा 910

छैगांव माखन 1123

खालवा 998

पंधाना 821

पुनासा 1149

बलड़ी 143

हरसूद 1234

योग 637

मिट्टी में 16 प्रकार के पोषणतत्व, 14 की ही जांच
मृदा परीक्षण अधिकारियों के अनुसार मिट्टी में 16 पोषक तत्व होते है। इसमें कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, कैल्सियम, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक, आयरन, कॉपर, बोरान, मैगनीज, मोलिबडनम, क्लोरीन है। लेकिन यहां मिट्टी परीक्षण में 14 पोषक तत्वों की जांच होती है। इसमें मैग्नीशियम और क्लोरीन कमी जांच नहीं होती है।
ऐसे समझें

पोषण तत्वों की कमी से पौधों पर प्रभाव मिट्टी में यदि फास्फोरस की कमी से पौधों की वृद्धि रुक जाती है। पत्तियां पीली होकर सूख जाती है। पूर्ण वृतों पर बैगनी रंग हो जाता है जैसे - मक्का में। पत्तियों का रंग गहरा हरा, बैगनी हो जाता है और पत्तियों का अग्रभाग मर जाता है। पौधों का रंग प्राय: गहरा ही रहता है पर निचली पत्तियां पीली होकर सूख जाती है। इसी तरह पौधों की रोपाई के बाद, सल्फर की कमी वाली मिट्टी में उगने वाले पौधों की मृत्यु दर सामान्य से अधिक होती है। यदि ये कमी मौसम के आरंभ में होती है, तो पौधों का विकास कम होगा, फूल खिलने में विकृति और फलों के साथ दानों के पकने में देरी होती है।

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