Teenagers पड़ जाते हैं गलत संगत में, स्कूली बच्चों को सिखाया ये काम

स्कूली बच्चों को सिखाया ये काम

खंडवा. किशोरावस्था में शरीर में व्यक्तित्व, बुद्धि और सामाजिक दृष्टिकोण विकसित होते हैं विद्यार्थी दिशाहीनता के कारण गलत संगत में पड़ जाते हैं। अक्सर अर्थपूर्ण गतिविधियों और बड़ों की उचित निगरानी के अभाव में विद्यार्थियों के पास समय व्यतीत करने के लिए कुछ विशेष नहीं होता है, ऐसे में वे अपने संगी साथियों के साथ उद्देश्य विहीन इधर उधर घूमते फिरते हैं और अक्सर जोखिम भरी गलत गतिविधियों में संलग्न हो जाते हैं। इनसे संवेदनशील किशोर और युवा मानस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। महारानी लक्ष्मी बाई शासकीय कन्या उच्चतर विद्यालय की ओजस यूथ क्लब प्रभारी संगीता सोनवणे ने ये बात कही। बुधवार को हुए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए ही विद्यार्थियों के लिए शाला में उनकी रुचियों को विकसित करने के लिए और मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से ओजस यूथ क्लब प्राचार्य डॉ सुधा दुबे के मार्गदर्शन में प्रारंभ किया गया है।


माह के प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विद्यार्थियों को विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न गतिविधियां कराई जाती है। समाज सेविका डॉ. पिंकी राठौर द्वारा पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत मटका खाद बनाने की विधि उनके साथियों द्वारा छात्राओं को सिखाई। इसमें मटके में मिट्टी की परत जमा कर उसके ऊपर कागज के टुकड़े, उसके ऊपर छिलके सब्जियों के तथा गोबर का घोल और छाछ तथा मिट्टी की लेयर रखकर मटके को ढंक दिया गया। यह चार-पांच दिनों में खाद के रूप में परिवर्तित हो जाएगा साथ ही इनके दल ने कपड़े की थैली का उपयोग करने के लिए भी छात्राओं को प्रेरित किया। इस कार्य में संस्था की उमा मालवीय और प्रीति मसीह का सहयोग रहा। ओजस यूथ क्लब में इसके पूर्व छात्राओं को सुरेंद्र सोलंकी द्वारा हिंदी में कैलीग्राफी एवं कल्पना मोतेकर द्वारा वेस्ट से बेस्ट के अंतर्गत ग्रीटिंग कार्ड बनाना सिखाए गए।

deepak deewan Desk
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