धोखे से नेत्रहीन वृद्ध की जमीन हड़प ली साहूकार ने

-गिरवी रखी जमीन, रुपए लौटाने के बाद भी अपने नाम करा ली रजिस्ट्री
-जनसुनवाई में पहुंचे नेत्रहीन वृद्ध ने की शिकायत, अन्य आवेदक भी पहुंचे
-बैंक मैनेजर ने आवास योजना की राशि ऋण खाते में कर दी जमा

खंडवा. जनसुनवाई में मंगलवार को एक नेत्रहीन वृद्ध के साथ साहूकार द्वारा धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने का मामला सामने आया है। 1.75 लाख रुपए के लिए वृद्ध की पांच एकड़ जमीन गिरवी रखकर साहूकार ने रुपए लौटाने के बाद भी धोखे से जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। वहीं, बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर द्वारा किसानों के खाते में आई आवास योजना की राशि ऋण खातों में जमा किए जाने का मामला भी जनसुनवाई में पहुंचा। मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रमुख अधिकारियों की अनुपस्थित में विभाग प्रमुखों ने लोगों की समस्याएं सुनी।
जनसुनवाई में पहुंचे 70 वर्षीय नेत्रहीन वृद्ध रायसिंह पिता सूरज्या बंजारा निवासी करोली थाना मूंदी ने बताया कि उनकी ग्राम मांडला में 1.94 हेक्टेयर जमीन है। शंकर पिता ओंकार नायक से उन्होंने 1.75 लाख रुपए का कर्ज लिया था। जिसकी कच्ची लिखापढ़ी खंडवा में कराई थी। एक साल बाद अप्रैल 2019 में उन्होंने शंकर की राशि मय ब्याज लौटा दी थी। जिस पर शंकर ने कहा था कि गिरवी की लिखापढ़ी निरस्त करा देते है। नेत्रहीन होने के कारण शंकर ने फायदा उठाते हुए उन्हें रजिस्ट्री कार्यालय ले गया और अपनी बहू के नाम पर जमीन करा ली। अब आवेदक उन्हें धमकी दे रहा है कि उनके खेत में लगी गेहूं की फसल को वो काटेगा। आवेदक ने बताया कि वे अपनी पत्नी और पोतों के साथ खेत में बनी झोपड़ी में ही रहते हैं। अनावेदक से उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। आवेदक ने संबंधित पर कार्रवाई की मांग की है।
आवास योजना की राशि दिलाने की मांग
खालवा तहसील के ग्राम मानपुरा से पहुंचे केंडे पिता लोकार, पेंडे पिता भाऊ, मानसिंह पिता मि_ू और रामकरण पिता सालक राम ने बैंक ऑफ इंडिया शाखा खारकलां के प्रबंधक पर आवास योजना की राशि ऋण खाते में डालने का आरोप लगाया। रामकरण ने बताया कि उनके मकान निर्माण के लिए तीन किस्तों में 1 लाख 20 हजार की राशि स्वीकृत होकर उनके खाते में जमा हुई। उनका मकान भी पूरा नहीं हुआ और बैंक ने उनके ऋण खाते से राशि कटोत्री कर दी। इसी तरह अन्य लोगों के खाते में जमा राशि को बैंक मैनेजर द्वारा ऋण खातों में कटोत्री कर दी गई। जब आवेदकों ने बैंक मैनेजर से राशि की मांग की तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। संबंधितों ने आवास योजना की राशि अपने खातों में जमा किए जाने की मांग की।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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