scriptआबना नदी के बफर जोन में निर्माण की अनुमतियां, अफसर मौन | The nexus between builders and officers is threatening the life of the river. The game continues in the buffer zone at the behest of the colonizers. Permission given in the name of private land. | Patrika News
खंडवा

आबना नदी के बफर जोन में निर्माण की अनुमतियां, अफसर मौन

बिल्डर्स और अफसरों के गठजोड़ से नदी के जीवन पर संकट, कॉलोनाइजर्स के इशारे पर बफरजोन में किया खेल, निजी भूमि के नाम पर दे दी अनुमति

खंडवाJul 11, 2024 / 11:33 am

Rajesh Patel

River in disaster management in pre-monsoon

Illegal construction in the buffer zone of the river

बिल्डर्स और अफसरों के गठजोड़ से नदी के जीवन पर संकट, कॉलोनाइजर्स के इशारे पर बफरजोन में किया खेल, निजी भूमि के नाम पर दे दी अनुमति

प्री-मानसून में आपदा प्रबंधन में नदी, नालों के बहाव से बचाव को लेकर प्रशासन अलर्ट है। इसके बाद भी शहर में आबना नदी के बफर जोन में हो रहे निर्माण पर प्रशासन अब तक कार्रवाई नहीं कर पाया है। बिल्डर्स और अफसरों के गठजोड़ से नदी के जीवन पर संकट आ गया है। नदी के किनारे विकसित हो रही कॉलोनियों में बफरजोन में ही निर्माण की अनुमति दे दी गई है।
बफर जोन में जारी कर दी अनुमति

आरटीओ कार्यालय के निकट से लेकर किशोर कुमार की समाधि स्थल और भामगढ़ तक बफर जोन में पक्के निर्माण हो गए। पंधाना रोड के पुल के निकट बफर जोन में ही टीएंडसीपी ने भी कॉलोनी निर्माण के लिए अनुमति और निगम ने विकास की अनुमति जारी कर दी है। पत्रिका में मामला उजागर होने के बाद टीएंडसीपी के अधिकारी बफर जोन में अनुमति पर बचाव के लिए निमय खंगाल रहे हैं।
बफर जोन में रिटेनिंग वाल में कर लिया निर्माण

शहर में पंधाना रोड पर आबना नदी के किनारे बफर जोन में कॉलोनी सहित कई पक्के निर्माण हैं। आरटीओ कार्यालय के पीछे आबना नदी में सीएच ग्रुप ने भी नदी के बफर जोन में रिटेनिंग वाल का निर्माण कर लिया है। नदी में हुए अवैध निर्माण से भारी बारिश के समय जल बहाव प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
बफर जोन के लिए जुटा रहे साक्ष्य

आबना पुल के नीचे मेसर्स कावेरी एक्सेआइल के निर्माण पर बफर जोन स्पष्ट नहीं है। इस बात तो लेकर टीएंडसीपी और राजस्व विभाग के अधिकारी साक्ष्य जुटाने में लगे हैं, जिससे बफर जोन की सीमा तय हो सके। टीएनसीपी के तत्कालीन अधिकारियों ने बफर जोन का ध्यान रखे बिना कालोनी के नक्शे को अनुमति दे दी।
यह है आबना के बफर जोन का पैमाना

टीएंडसीपी के प्रभारी उपसंचालक गोरे लाल वर्मा ने बताया कि आबना नदी में अधिकतम भराव क्षमता (जहां तक पानी का भराव हो, फुल लेवल टैंक) से 15—15 मीटर दोनों किनारों पर बफर जोन तय है। इसमें स्थाई निर्माण नहीं हो सकता। इसके बाद भी टीएंडसीपी ने पूर्व में अनुमतियां जारी कर दी। पंधाना पुल और रेलवे लाइन के बीच भूमि विकास अधिनियम के तहत अनुमतियां जारी की गई हैं।
जिम्मेदारों ने नोटिस देकर कर ली इतिश्री

नगर निगम के कार्य पालन यंत्री पांच दिन पहले आबना नदी के बफर जोन में निर्माणाधीन रिटेनिंग वाल के निर्माण पर रोक लगा दी। नोटिस के बाद आगे की कार्रवाई ठप हो गई है। अभी तक सीमांकन की कार्रवाई नहीं की गई। नदी के बफर जोन को लेकर अभी अधिकारी मंथन कर रहे हैं।

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