यू-डाइस में इतना पीछे रह गए कि डिफॉल्टर में शामिल हो गया ये जिला

यू-डाइस में इतना पीछे रह गए कि डिफॉल्टर में शामिल हो गया ये जिला
Unified District Information on School Education UDISE plus news

Amit Jaiswal | Updated: 23 Sep 2019, 12:46:23 PM (IST) Khandwa, Khandwa, Madhya Pradesh, India

बॉटम-11 में शामिल, शर्मनाक प्रदर्शन...स्कूलों का समग्र डेटा संकलित कर इस सॉफ्टवेयर में फीड करना है यू-डाइस प्लस का उद्देश्य

खंडवा. शिक्षा की एकीकृत जिला सूचना प्रणाली (यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन ऑन स्कूल एजुकेशन) यानी की यू-डाइस प्लस में खंडवा का प्रदर्शन इतना पीछे रह गया कि जिला उन बॉटम-11 जिलों में शामिल हो गया, जिन्हें सुस्त चाल और डिफॉल्टर होने का अनचाहा तमगा मिला है।

यू-डाइस प्लस का मकसद ये है जिलेभर के कक्षा पहली से 12वीं तक के स्कूलों का समग्र डेटा संकलित कर इस सॉफ्टवेयर में फीड करना, ताकि भारत सरकार का मानव विकास संसाधन मंत्रालय जब-भी अधोसंरचनात्मक, शैक्षणिक उन्नयन के संबंध में कोई कार्ययोजना बनाए तो संबंधित स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर वे सुविधाएं स्वीकृत हो जाएं। लेकिन जिले का अमला इसमें सुस्त बना रहा, जिसका नतीजा ये रहा कि यहां का प्रदर्शन बहुत खराब हो गया।

सबसे पिछड़े जिलों में शामिल
यू-डाइस प्लस 2018-19 में प्रदेश के सभी जिलों की जो सूची जारी हुई है, उसमें खंडवा का नाम सबसे पिछड़े जिलों में शामिल है। बॉटम-11 में खंडवा, बड़वानी, धार, मंदसौर, सीहोर, अशोकनगर, शिवपुरी, राजगढ़, झाबुआ, भोपाल और शाजापुर के नाम शामिल हैं। यह सूची 20 सितंबर की स्थिति में जारी हुई है। खराब प्रदर्शन करने वाले जिले 21-22 सितंबर यानी शनिवार-रविवार की छुट्टी में भी खुद की रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए प्रयासों में लगे रहे। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रकाश गंगराड़े ने बताया कि रविवार होने के बावजूद प्रोग्रामर रवि यादव के साथ हम काम कर रहे हैं और लगभग काम पूरा होने को है। सोमवार को संभवत: नई रैंकिंग जारी होगी और इसमें सुधार नजर आएगा।

एक-दूजे पर थोप रहे हैं जिम्मेदारी
कक्षा पहली से 12वीं तक शिक्षा प्रणाली यहां जिला शिक्षा अधिकारी (डीइओ) और जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के बीच बंटी हुई है। कक्षा पहली से 8वीं तक के स्कूलों की जिम्मेदारी जहां डीपीसी संभालते हैं तो वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं का जिम्मा डीइओ के पास है। अब दोनों ही ओर से काम में सुस्ती पर एक-दूजे पर जिम्मेदारी थोपी जा रही है।

ब्राउजर
2232 कुल स्कूल हैं यहां
33 की इंट्री शुरू ही नहीं की
148 का काम प्रगतिरत दिखाया
2051 इंट्री दर्शाई गई है यहां की
92 फीसदी इंट्री पूर्ण होने की रिपोर्ट
1192 स्कूलों का किया सत्यापन
53 फीसदी है सत्यापन की प्रगति

ये भी जानिए...
- सूची में जिलो का क्रम यू-डाइस प्लस में डेटा इंट्री पूर्ण करने व सत्यापन करने में अच्छी प्रोग्रेस के आधार पर रखा गया है।
- 100 फीसदी डेटा इंट्री तथा 100 फीसदी स्कूल सत्यापन करने में सागर, बालाघाट, जबलपुर, उज्जैन, शहडोल, नीमच, उमरिया, आगर-मालवा व हरदा शामिल।
- टीकमगढ़, दतिया, दमोह, बुरहानपुर, रतलाम, डिंडोरी, रायसेन, भिंड, मंडला व अन्य जिलों में प्रगति को उल्लेखनीय बताया।
- नरसिंहपुर, गुना, मुरैना, सिंगरौली, सतना व अन्य जिलों में 100 फीसदी स्कूल को सत्यापित किए जाने की जरूरत बताई।

- अब पूरा करने की कगार पर
हां, सूची में जिले का नाम बॉटम-11 में जरूर है लेकिन अब शनिवार-रविवार को काम किया गया है। लगभग ये काम पूरा होने की कगार पर है। प्राइमरी-मिडिल स्कूलों की जानकारी देर से इंट्री होने की वजह से पिछड़े।
जेएल रघुवंशी, डीइओ

- हमारा काम हो गया था पूरा
हमने डिस्ट्रिक्ट प्रोग्रामर से जानकारी ली तो पता चला कि कक्षा पहली से आठवीं तक का काम तो पहले ही पूरा हो गया था लेकिन हाइस्कूल और हायरसेकंडरी स्कूलों की इंट्री में देरी के कारण ये स्थिति बनी।
सरोज जोशी, एपीसी, जिला शिक्षा केंद्र

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