scriptWomen's jam on Indore-Ichhapur highway for drinking water | पेयजल के लिए इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर महिलाओं का चक्काजाम | Patrika News

पेयजल के लिए इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर महिलाओं का चक्काजाम

-पुलिस की समझाइश के बाद पंचायत के सामने दिया धरना
-महिलाओं ने मरने-मारने की भी चेतावनी दी, पुलिस को करना पड़ी मशक्कत

खंडवा

Published: February 17, 2022 01:27:56 pm

खंडवा.
गर्मी के पूर्व ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने बुधवार को इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। महिलाएं पानी को लेकर हो रही परेशानी से इतनी आक्रोशित थी कि हाईवे से हटने को राजी नहीं हो रहीं थीं। पुलिस ने मशक्कत के बाद हाईवे से हटाया तो महिलाएं पंचायत भवन के सामने धरना देकर बैठ गईं। महिलाओं ने तो पानी के लिए मरने-मारने तक की चेतावनी दे डाली। घटना बुधवार दोपहर ग्राम मोरटक्का माफी का है।
बुधवार दोपहर 12 बजे मोरटक्का माफी में इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर मालबेड़ी क्षेत्र के ग्रामीणों ने महिलाओं के साथ पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। महिलाएं अपने हाथों में बर्तन लिए हुए थीं। महिलाओं के अचानक चक्काजाम से हड़कंप मच गया। रोड के दोनों ओर हाईवे पर वाहनों की कतार लगना शुरू हो गई। चक्काजाम की जानकारी मिलते ही मोरटक्का चौकी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। आक्रोशित महिलाओं का कहना था कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, वें हाईवे से नहीं हटेंगी। करीब 25 मिनट तक पुलिस को मशक्कत करना पड़ी। समझाइश के बाद महिलाएं हाईवे से चक्काजाम खत्मकर ग्राम पंचायत के सामने धरने पर बैठ गईं। महिलाओं का कहना था कि पानी नहीं मिलेगा तो वे मर भी सकती हैं और मार भी सकती हैं। घटना की जानकारी मिलने पर मांधाता तहसीलदार विजय कुमार तलवारे, मांधाता थाना प्रभारी बलरामसिंह राठौर, चौकी प्रभारी राजेंद्र राठौर भी पहुंचे। महिलाओं को उनकी समस्या का निराकरण करने का आश्वासन दिया गया, तब जाकर महिलाओं ने धरना समाप्त किया।
सूखी पड़ी नल जल योजना की टंकिया
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री नल जल योजना के अंतर्गत नर्मदा से लेकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में पानी की टंकियां तो बना दी है, लेकिन उसमें पानी अभी तक नहीं पहुंचा। पानी की टंकी सूखी पड़ी हुई है, जिसके कारण पानी के लिए ग्रामीण काफी परेशान होते है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की टंकी दो आई है, पर प्रशासन के नुमाइंदों ने एक टंकी बनाकर इतिश्री कर ली है। वहीं, पीएचई इंजीनियर रवींद्र गोले का कहना है कि टंकी एक ही आई थी और बनकर तैयार है। उसकी टेस्टिंग हो गई है 8 से 10 दिन में पानी सप्लाई होने लग जाएगा। महिलाओं का साफ कहना था कि यदि उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।

पेयजल के लिए इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर महिलाओं का चक्काजाम
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