Growing corona - एक दिन में 84 लोगों की रिपोर्ट आई पॉजीटिव, कोविड सेंटर फुल, दो संदिग्ध मरीजों ने तोड़ा दम

कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने बढ़ाई मुश्किल
100 बेड के कोविड सेंटर में 104 मरीज भर्ती
अब होम आइसोलेशन और सीसी सेंटर में मिलेगा इलाज
जिला अस्पताल का कोविड सेंटर फुल
इंदौर ने भी किया रैफर मरीजों को भर्ती से इनकार

 

By: tarunendra chauhan

Published: 16 Sep 2020, 12:51 PM IST

खरगोन. कोरोना के बढ़ते संक्रमण से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था चरमारने लगी है। जिला अस्पताल का कोविड सेंटर मंगलवार को फुल हो गया, चार अतिरिक्त बेड लगाने पड़े। इंदौर की भी स्थिति गंभीर हो गई है, वहां अब बाहर के मरीजों को भर्ती करने पर अघोषित रोक लग गई है। सोमवार को जिले के दो कोरोना संदिग्ध मरीजों ने सटीक इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। अब कोरोना मरीजों के लिए प्रशासन सात सीसी सेंटर में भर्ती और होम आइसोलेट करके भी पॉजिटिव मरीजों को इलाज करवाएगा। मंगलवार को 84 नए पॉजिटिव मिले हैं, जिसमें 4 गंभीर हैं, लेकिन बेड के अभाव में वे रैफर नहीं हो पा रहे हैं।

जिला अस्पताल में 15 बेड का आइसीयू तैयार होना था। ठेकेदार को 10 सितंबर की डेडलाइन दी गई थी लेकिन उसने काम ही नहीं शुरू किया। सिविल सर्जन डॉक्टर राजेंद्र जोशी के मुताबिक आईसीयू के साथ यहां दो अतिरिक्त वेंटीलेटर भी लगने थे, लेकिन अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। इधर संक्रमित मरीजों की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग चकरघिन्नी हो गया है। संक्रमण कहां से आया, कैसे फैला इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल रही है। अब इंदौर ने रैफर मरीजों को भर्ती करने से इनकार कर दिया है तो मुश्किल और बढ़ गई है। पिछले एक सप्ताह से जिले में बड़ी संख्या में मरीज मिल रहे हैं।

रैफर मरीजों पर रोक
सिविल सर्जन ने बताया कि गंभीर मरीजों को इंदौर रेफर किया जा रहा था, लेकिन इंदौर के अस्पताल भी मरीजों से भरे हैं। ऐसे में बीते एक सप्ताह से रेफर मरीजों को वहां भी नहीं लिया जा रहा। यहां से हर दिन पांच से छह मरीजों इंदौर रेफर किया जा रहा था, लेकिन अब बंद है।

740 बेड का सीसी सेंटर
कलेक्टर अनुग्रहा पी. ने कहा बताया कि जिले में 24 फीवर क्लिनिक और 7 सीसी सेंटर बनाए हैं। पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन किया जाएगा, जिनके घर पर्याप्त रूम नहीं है, वे सीसी सेंटर में रहे। कन्या छात्रवास महेश्वर, कन्या पॉलिटेक्निक सनावद, नर्मदा वैली इंटरनेशन स्कूल बड़वाह, कन्या छात्रावास, खरगोन, सेंट मेरी स्कूल भीकनगांव, कन्या छात्रावास कसरावद व राधाकुंज मांगलिक परिसर खरगोन में सीसी सेंटर बनाए गए हैं।

कंटेनमेंट एरिया-सुरक्षा अपने हाथ
मरीजों के बढऩे के साथ ही कंटेनमेंट एरियों का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। अब यहां पहले जैसी स्थिति नहीं रही। मंगलवार को ब्राह्मणपुरी में मरीज के घर के सामने पुलिस का सिंगल बेरिकेड्स लगाकर उस पर बैनर लगाकर अमले ने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। यहां लोगों को रोकने-टोकने एक भी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं था। अधिकांश कंटेनमेंट जोन की शक्ल ऐसे ही है। जहां लोगों को अपनी सुरक्षा खुद करना पड़ रही।

कोविड सेंटर मरीजों से फुल, 104 भर्ती
वर्तमान में जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में 104 मरीज भर्ती है। जबकि यहां सौ पलंग की व्यवस्था ही है। रोजाना थोक में मरीज निकल रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यहां क्षमता से अधिक मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में आगे मरीजों को कहां रखा जाएगा इसे लेकर भी स्वास्थ्य अमले को दिमागी घोड़े दौड़ाना पड़ रहे हैं।

 

दो संदिग्धों की हो चुकी है मौत
अस्पताल में सोमवार को भर्ती दो संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई है। इसमें 30 वर्षीय युवक और 37 वर्षीय महिला की मौत हुई। दोनों को बुखार और सांस लेने में तकलीफ थीं। ऑक्सीजन लेवल कम होने से दोनों की मौत हो गई। हालांकि मौत का कारण अभी अज्ञात है। कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई है। इन मरीजों की मौत भी अस्पताल की अव्यवस्थाओं के कारण बताई जा रही है।

चौबीस घंटे में 84 मरीजों की पुष्टि,सोशल मीडिया पर 142
मंगलवार को सीएमएचओ कार्यालय से हेल्थ बुलेटिन जारी हुआ। इसमें पिछले 24 घंटे में 84 मरीजों की पुष्टि होने की बात बताई गई है। जबकि सोशल मीडिया पर 142 मरीजों के सामने आने की बात तेजी से फैल रही है। दो आंकड़ों के बीच जनता गफलत में है। जिले में कोरोना मरीजों का आंकड़ा अब 2500 के पार पहुंच गया है। हालांकि स्वस्थ्य होने वाले मरीजों का आंकड़ा 1926 है। वर्तमान में 565 मरीज अब भी एक्टिव है। कोरोना से जिले में अब तक 34 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

मास्क लगाने की अपील
महामारी से बचाव के लिए नागरिक मास्क का अनिवार्य रूप से पालन करें। फिजिकल दूरी रखेंं। सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी है तो नजदीक के फीवर क्लीनिक या शासकीय स्वास्थ्य संस्था में परीक्षण कराएं। अफवाह में न आएं और नहीं फैलाएं।
- अनुग्रहा पी, कलेक्टर खरगोन

ठेकेदार नहीं आए
नोडल अधिकारियों ने इंदौर में बेड नहीं होने के चलते यहां के रैफर मरीजों को लेने से इनकार किया है। इसके चलते हम पिछले एक सप्ताह से मरीजों को रैफर नहीं कर पा रहे हैं। सीमित संसाधनों से बेहतर इलाज देने का प्रयास कर रहे हैं।
-डॉ. राजेंद्र जोशी, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल खरगोन

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