अभी कोरोना का खौफ कायम और अब यह खतरा मंडराने लगा है जिले में

एक ओर खतरा..

राजस्थान से निकला टिड्डी दल, बागली के जंगलों तक आया, बड़वाह, काटकूट के रास्ते जिले में कर सकता है अटैक
-संभावित क्षेत्र के किसानों को प्रशासन ने किया अलर्ट, जिले में आया यह दल तो खेतों में मचाएगा तबाही, फसलें करेगा बर्बाद

By: Gopal Joshi

Published: 21 May 2020, 06:00 AM IST

खरगोन.
कोरोना संक्रमण की दशहत से लोग अभी खौफजदा ही है और अब एक और खतरा जिले के इर्द-गीर्द मंडराने लगा है। दरअसल राजस्थान के जंगलों से मप्र में टिड्डी दल आ गया है। फिलहाल टिड्डों का यह झंूड देवास के विजय मंडी के भैसुनी व पटलावदा से होकर हरदा जिले से होकर बागली के जंगलों की ओर तेेजी से बढ़ रहा है। आशंका है कि काटकूट, बड़वाह के रास्ते यह खरगोन जिले में दाखिल होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने बड़वाह और काटकूट क्षेत्र के किसानों को अलर्ट किया है।
कृषि उप संचालक एमएल चौहान ने बताया इस दल के नियंत्रण के लिए केंद्रीय नियंत्रण दल 10 वाहनों के साथ पीछे चल रहा है। साथ ही स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संबंधित क्षेत्र में अग्निशमन से पानी व दवाई का छिड़काव कर मारने व भगाने के प्रयास किए जा रहे हंै। खरगोन में भी सभी ग्रामीण विस्तार अधिकारियों और कृषि अमले को सतर्क रहने के साथ किसानों को इस समस्या से अवगत कराते हुए बचाव के बारे में निर्देश दिए हैं।

एक दिन में करीब 150 किमी उड़ती है टिड्डी
कृषि उप संचालक चौहान ने बताया टिड्डी दलों का आगमन प्रदेश में पहली बार नहीं है। पूर्व में खरगोन के अलावा अन्य क्षेत्रों में टिड्डी दलों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। कृषि वैज्ञानिकों ने इस पर शोध करने के बाद एडवाइजरी जारी की है। यह टिड्डी दल जब जमीन पर रोशनी होने लगती है, तभी से उडऩा शुरू करता हैं और जिस स्थान से शाम होती है, वहां गांव, फसलों, पेड़ों या अन्य ऊंचे स्थानों पर बैठता है।

यह है नियंत्रण के उपाय
नियंत्रण के लिए सुबह 4 बजे से उन स्थानों पर तेज पानी की बौछार व दवाइयों का छिड़काव किया जाता है। रासायनिक कीटनाशक जो टिड्डियों पर असरकारक होता है। उनमें क्लोरपाइरीफास, डेल्टामेथरीन, लेम्डासाईहेलोथीन, मेलाथियान दवाइयों का छिड़काव किया जाता है। इसकेक अलावा जहां से यह दल निकले यदि वहां ढोल मांदल, डीजे, टैक्टर का साइलेंसर, घंटियां, खाली टीन के डिब्बे व थालियों से आवाज की जाए तो यह दल आगे निकल जाता है।

टिड्डी दल ने किया अटैक तो यह फसलें होगी प्रभावित
यदि जिले में टिड्डी दल आता है तो वह मौसमी फसलों को तबाह कर सकता है। फिलहाल किसान गर्मी के कपास व मिर्ची के रोपे तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा कई किसानों ने बगीचे भी लगा रखे हैं। ऐसे में यह दल इस तरह की फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

Gopal Joshi
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