Corruption- सरकारी सामान खरीदी में घपला, बाजार से दोगुने रेट पर कम्प्यूटर, कैमरा, रेनकोट

आर्थिक अपराध शाखा ने नगर पालिका को जारी किया नोटिस, 15 दिन में मांगे दस्तावेज

By: tarunendra chauhan

Published: 08 Oct 2020, 04:55 PM IST

खरगोन. नगर पालिका सनावद में सरकारी सामान खरीदी में आर्थिक अनियमितता कर जमकर भ्रष्टाचार हुआ। इस शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा इंदौर में किए जाने पर संज्ञान लिया गया है। जिसमें नगर पालिका को नोटिस जारी कर भ्रष्टाचार के संबंध में दस्तावेज मांगे है। इसके आधार पर आगामी जांच की जाएगी।

स्थानीय नागरिक ओमप्रकाश दुबे ने आर्थिक अपराध शाखा इंदौर को शिकायत की है कि नगर पालिका सनावद के पूर्व सीएमओ व उनके अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर नगर पालिका में अप्रैल 2019 से जुलाई 2020 के बीच विभिन्न प्रकार की सामग्री को क्रय करने में विभिन्न प्रकार से आर्थिक अनियमितताएं कर भ्रष्टाचार किया है। इसके संबंध में बिल व अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए है। इसके आधार पर आर्थिक अपराध शाखा ने नगर पालिका को नोटिस जारी कर संबंधित शिकायतों के दस्तावेज मांगे हैं। जिसे 15 दिन में प्रस्तुत करना है।

म्प्यूटर-कैमरे का अधिक राशि के बिल लगाए
ओमप्रकाश दुबे ने शिकायत में बताया नगर पालिका की स्वच्छता शाखा के लिए निजी कंपनी का वीडियो कैमरा रायल इंटरप्राइजेस राऊ से 84240 रुपए में खरीदा गया है। इस कैमरे का वर्तमान बाजार मूल्य 35 हजार से अधिक नहीं है। इस प्रकार अधिक राशि का बिल बनाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। नगर पालिका में 8 से 10 कम्प्यूटर व प्रिंटर क्रय किए गए है। जिसमें एक कम्प्यूटर व प्रिंटर का बिल करीब 98,982 रुपए मेंक्रय करना बताया है। जिसकी वर्तमान कीमत करीब 45 हजार रुपए है। इसी प्रकार योजना शाखा के लिए यूपीएस, इन्वर्टर व बैटरी 6 सेट खरीदे गए है। जिसमें एक सेट की कीमत करीब 97,870 रुपए बताई गई है। जिसकी वर्तमान में बाजार मूल्य प्रति सेट 52 हजार रुपए है। इसमें भी अधिक राशि जोड़कर करीब 3 लाख रुपए से अधिक आर्थिक क्षति पहुंचाई है।

नोटिस का जवाब देने समिति गठित
मुख्य नगरपालिका अधिकारी एम एस निगवाल ने बताया कि आईओडब्ल्यू का नोटिस मिला है जिसके जवाब के लिए संस्था के लेखापाल को प्रभारी बनाकर उनके अधीनस्थ तीन लोगों की कमेटी बनाई है जो संबंधित शाखाओं से दस्तावेज जमा कर नोटिस का जवाब देगी

एक फर्म से खरीदी की गई
नगर पालिका ने वेक्यूम एम्पीटीयर मशीन इंदौर से 8 लाख 78 हजार 670 रुपए में खरीदी है। जबकि बाजार में ऐसी मशीन लगभग 4 लाख रुपए में उपलब्ध है। इस प्रकार इस मशीन की खरीदी में दोगुने से भी अधिक राशि का बिल बनाया गया है। उन्होंने बताया नगर पालिका में विभिन्न मदों में एकत्र कर की राशि 1 लाख रुपए से अधिक को बैंक में न जमा कर अफसर ने अपने व्यक्तिगत उपयोग में ली। जितनी राशि के वाउचर व कैशबुक में प्रविष्टि की गई है। उतनी राशि बैंक में जमा न करते हुए गबन कर लिया है।

250 रुपए का रेनकोट 560 में खरीदा
नगर पालिका द्वारा स्वच्छता अभियान के लिए फ्लेक्स करीब 98270 के बनाए गए है। फ्लेक्स बनवाने की बाजार में दर 10 रुपए स्केवयर फीट है। जबकि नगर पालिका ने 40 से 50 रुपए प्रति स्केवयर फीट की दर से बिल का भुगतान किया है। कर्मचारियों के लिए करीब 130 रेनकोट 560 रुपए प्रति नग के हिसाब से खरीदे गए है जबकि बाजार में ऐसे रेनकोट 200 से 250 रुपए में मिलते हैं। इसी प्रकार फायर कर्मचारियों की ड्रेस, सफाई कर्मचारियों के लिए लांग जूते भी बाजार से अधिक मूल्य में खरीदे गए है।

जारी किए गए हैं नोटिस
नगर पालिका में आर्थिक अनियमितता की शिकायत मिली है। जिसके संबंध में नगर पालिका सनावद को नोटिस जारी कर करीब 18 बिंदू के दस्तावेज व बिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। 15 दिन में जानकारी मिलेगी। जिसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विनोद सोनी, जांच अधिकारी आर्थिक अपराध शाखा इंदौर

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