अक्टूबर से लगेंगे स्मार्ट मीटर

स्मार्ट होगी बिजली व्यवस्था- महू, उज्जैन, रतलाम के साथ खरगोन में स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट की शुरुआत

By: tarunendra chauhan

Published: 05 Sep 2020, 01:16 AM IST

खरगोन. अब रीडिंग संबंधित शिकायतों को लेकर एमपीईबी में उपभोक्ताओं का हंगामा नहीं होगा। इस समस्या का छूटकारा स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को मिलने वाला है। शुक्रवार से स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। प्रदेश में यह काम महू, रतलाम और उज्जैन के साथ खरगोन में शुरू किया गया है। शुक्रवार को उपभोक्ता एंडेक्सिंग के काम का श्रीगणेश हुआ। यह काम 30 सितंबर तक होगा। इसके बाद अक्टूबर से घर-घर स्मार्ट मीटर लगना शुरू हो जाएंगे। संभवत: नवंबर दिसंबर में पूरे शहर में स्मार्ट मीटर लग जाएंगे। शहर में 38300 घरेलू व कमर्शियल बिजली कनेक्शन हैं।

बिजली कंपनी के कार्यपालन यंत्री श्रीकांत बारस्कर ने बताया विद्युत मंडल अब धीरे-धीरे अब तमाम सुविधाएं, व्यवस्थाएं ऑनलाइन करने की दिशा में बढ़ रहा है। एमपीईबी (ऊर्जा) विभाग उर्जस पोर्टल के माध्यम से तमाम तरह की शिकायतें एवं सेवाएं दे रहा है। इसी कड़ी में अब शुक्रवार से खरगोन शहर में स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट की शुरूआत हो गई है। पहले दिन उपभोक्ता एंडेक्सिंग का काम शुरू हो गया है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ता के घर-घर टीम पहुंचेगी और यहां मीटर की फोटो व जानकारी प्राप्त करेगी। 30 सितंबर तक उपभोक्ता इंडेक्सिंग का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद अक्टूबर से खरगोन शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

विवाद खत्म होंगे
कार्यपालन यंत्री बारस्कर ने कहा इस विधि के माध्यम से दिनवार, मीटर तेज या स्लो की जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। मीटर लग जाने के बाद मीटर रिडिंग का विवाद खत्म होगा।

शहर में 38300 घरेलू व कमर्शिलय उपभोक्ता
कार्यपालन यंत्री बारस्कर ने बताया शहर में 38300 घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ता है। इन्हें 18 फीडर के जरिए बिजली सप्लाय की जा रही है। ऐसा अनुमान है कि काम समाप्ति के बाद नवंबर या दिसंबर के बिल संभावित रूप से स्मार्ट मीटर से विकसित होंगे।

इंदौर में हुई प्रोजेक्ट की सफलतम शुरुआत
कार्यपालन यंत्री ने कहा इंदौर शहर में प्रोजेक्ट शुरूआत बेहतर ढंग से हुई है। यहां की सफलता के बाद प्रदेश के कई शहरों में स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। इसमें महू, उज्जैन व रतलाम जैसे शहरों के साथ खरगोन शहर को भी शामिल किया गया है।

यह होंगे फायदें
-इस मीटर से अब विभाग का रिडिंग लेने की जरूरत नहीं होगी।
-कार्यालय में बैठे-बैठे भी किसी उपभोक्ता की रिडिंग निकाली जा सकती है।
-इस मीटर से एमआरआई जानकारी के तौर पर डेटा विभाग के हाथों में होगा।
- खत्म होंगे विवाद, धीमे और तेज दौडऩे वाले मीटरों की मिलेगी जानकारी

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