निमरानी में सेंचुरी यार्न के बाहर मजूदरों का प्रदर्शन, प्रबंधन के खिलाफ की नारेबाजी

कंपनी के लीज पर दिए जाने की चर्चा से भड़का था गुस्सा, वर्करों ने प्रबंधन का घेराव कर जताया विरोध

By: हेमंत जाट

Published: 18 Aug 2017, 03:15 PM IST

खरगोन. जिले के एबी रोड स्थित औद्योगिक क्षेत्र मगरखेड़ी स्थित सेंचुरी यार्न एवं डेनिम में गुरुवार दोपहर मजदूरों ने जमकर हंगामा किया। यहां मजदूरों ने प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। यह गुस्सा कंपनी के लीज पर दिए जाने की चर्चा से भड़का था। कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें पूर्व में सूचना दिए बगैर कंपनी को किसी अन्य गु्रप को बेच दिया गया। इससे उनका रोजगार छीना जा सकता है। कंपनी के एडीएम कार्यालय के बाहर करीब पांच सौ मजदूर दोपहर एक बजे से धरना देकर बैठे हुए हैं। खबर लिखे जाने तक मामले में किसी तरह की चर्चा प्रबंधन द्वारा मजदूरों से नहीं की गई है। मजदूर संघ के जिला मंत्री नरेंद्र पटेल का कहना है कि कंपनी प्रबंधन व जनरल मैनेजर जहागीरसिंह ने उन्हें गुरुवार को बताया कि सेंचुरी यार्न कंपनी को वैरीयट ग्लोबल को हैंडओवर कर दी है। इससे मजदूरों व कर्मचारियों में नौकरी जाने का डर बना हुआ है। सेंचुरी यार्न बिरला गु्रप की कंपनी बताई जा रही है, जो बीते करीब 30 वर्षों से संचालित हो रही है। वर्तमान स्थित में कंपनी में करीब 1200 मजदूर काम कर रहे हैं।


काम छोड़कर धरने पर बैठे मजदूर


कंपनी में अधिकांश मजदूर लंबे समय से कार्यरत है। इनमें २५ से ३० वर्षों से काम करने वाले मजदूर व वर्कर शामिल है। कंपनी के अन्य दूसरी कंपनी में मर्ज होने से बेरोजगार होने का डर है। साथ ही इससे उनका भविष्य भी खराब हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे बिरला गु्रप के साथ ही काम करना चाहते हैं। कंपनी को उन्हें विश्वास में लेकर अपना निर्णय बदलना चाहिए।


डेढ़ महीने में तीन सौ से ज्यादा को हटाया


मजदूर संघ ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन की मनमानी के चलते मजदूरों का काम से निकाला जा रहा है। बीते डेढ़ महीने में करीब 350 मजदूरों को हटाया गया है। इससे अन्य मजूदरों में भी नौकरी से निकाले जाने का डर है। उधर, कंपनी के लीज पर दिए जाने से शेष कर्मचारी के सामने भी रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। मजदूरों की एक मांग वीआरएस से जुड़ी है। उनका कहना है कि उन्हें इसका लाभ दिया जाए।


पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद

मजदूर और कर्मचारियों को विरोध को देखते हुए यहां प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस भी पहुंच गई है। हालांकि कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई चर्चा नहीं की गई। मजदूरों के मुताबिक जनरल मैनेजर द्वारा दोपहर एक बजे चर्चा का समय दिया गया था। लेकिन बाद में बातचीत नहीं हुई। इसलिए कर्मचारी धरना देकर बैठ गए। इस मामले में कंपनी प्रबंधन कुछ भी नहीं बोल रहा है।

 

हेमंत जाट Bureau Incharge
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