शादी में अगर बजाया बैंड या डीजे, तो काजी साहब नहीं पढ़ाएंगे निकाह

शादी में अगर बजाया बैंड या डीजे, तो काजी साहब नहीं पढ़ाएंगे निकाह

Faiz Mubarak | Publish: Jun, 10 2019 04:41:15 PM (IST) Khargone, Khargone, Madhya Pradesh, India

शादी में अगर बजाया बैंड या डीजे, तो काजी साहब नहीं पढ़ाएंगे निकाह

खरगोनः समाज की कु रीतियों को बदलने के लिए कई लोग अपने अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, ताकि हमारा भविष्य बेहतर हो सके। ऐसी ही एक अनोखी पहल देखने में आई है खरगोन जिले के बड़वाह में, जहां रहने वाले मुस्लिम समुदाय ने निकाह या बारात के दौरान बैंड या डीजे बजाने पर पाबंदी लगाई है। साथ ही शहर में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए फरमान जारी करते हुए कहा है कि, अगर कोई व्यक्ति इसका पालन ना करते हुए निकाह या बारात के दौरान बैंड या डीजे बजाता है, तो संबंधित काजी उसका निकाह ही नहीं पढ़ाएंगे। बैंड बाजे पर पाबंदी लगाने का उद्देश्य शहर में ध्वनि प्रदूषण कम करने, साथ ही अन्य लोगों को होने वाली परेशानी से निजात दिलाने के लिए किया गया है।

पहल को लोगों ने बताया सराहनीय

मुस्लिम अंजुमन कमेटी के सदर हाजी कुद्दूस ने बताया कि, जिन शादियों में बैंड बाजे या डीजे बजाए जाते हैं, उनसे वातावरण में प्रदूषण तो होता ही है, साथ ही देर रात तक शादी के नाम पर बजने वाले ये बैंड और डीजे कई लोगों की परेशानी का सबब भी बनते हैं। खासकर बच्चे और बुजुर्ग इससे ज्यादा ग्रस्त होते हैं। उन्होंने बताया कि, इस्लाम हमें बच्चों से शफक्कत और बुजुर्गों का आदर करना सिखाता है, लेकिन आजकल आम हो चले इस चलन ने हमारी खुशियों के नाम पर इन दोनो ही लोगों को बड़ी परेशानी में डाल देता है। इसके अलावा, वो लोग भी बैंड बाजे के शोर से परेशान होते हैं, जो अपने घर या अस्पताल में बीमार हैं।

कमेटी को मिला इनका समर्थन

शहर की मुस्लिम अंजुमन कमेटी की इस पहल को स्थानीय लोगों की सराहना और समर्थन तो मिल ही रहा है, साथ में अन्य कमेटियों के पदाधिकारियों, बड़वाह शहर काजी, कदीमी मस्जिद कमेटी, नुरानी मस्जिद कमेटी, आदर्श नगर कमेटी के पदाधिकारियों की सहमति और समर्थन मिल रहा है। हालांकि, फिर भी अगर कोई व्यक्ति इस फरमान का उल्लंघन करते हुए निकाह या बारात में बैंड या डीजे बजाता है, तो शहर काजी समेत नगर के कोई भी मौलाना या काजी उस दूल्हे-दुल्हन का निकाह ही नहीं पढ़ाएगा और ना ही मुस्लिम अंजुमन कमेटी या शहर काजी की तरफ से उन्हें निकाह नामा दिया जाएगा।

कमेटी ने लोगों से की ये गुजारिश

कमेटी के सदर हाजी कुद्दुस ने बताया नई सोच के साथ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, निकाह में होने वाले फिजूल खर्च रोकने व स्थानीय नागरिकों को आधी रात तक डीजे बैंडबाजे की शोरगुल से होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी। डीजे व बैंडबाजे के उपयोग से ध्वनि प्रदूषण होता है। साथ ही आम नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस वजह से डीजे व बैंडबाजे पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही शरीयत में निकाह को सादगी पूर्ण तरीके से मनाना बताया गया है। उन्होंने कहा अंजुमन कमेटी की तरफ से शहर में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों को रात 12 बजे से पहले निकाह कराने की गुजारिश भी की गई है। निकाह में अकसर बरात पहुंचने में देरी होती है। इससे दूल्हा-दुल्हन समेत समारोह में शामिल हुए सभी लोगों को परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में काजी को भी देर रात तक बैठकर निकाह पढ़ाने का इंतेजार रहता है, जो सरासर गलत है। हाजी कुद्दूस ने समुदाय के लोगों से गुजारिश करते हुए कहा है कि, जब इस शोरगुल से किसी को नुकसान हो सकता है, तो ऐसी कुरीतियों को छोड़ना ही सही विकल्प होगा।

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