कलेक्टर ने ऐसा जारी किया फरमान की हरकत में आ गए शिक्षक

परीक्षाएं नजदीक, अब कोई प्रशिक्षण नहीं, शिक्षक केवल पढ़ाएंगे
-जिला परामर्श दात्री समिति की बैठक में प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के सामने रखी समस्या, बोले- प्रशिक्षण के चक्कर में पढ़ाई हो रही प्रभावित

खरगोन.
स्वामी विवेकानंद सभागृह में गुरूवार को जिला परामर्श दात्री समिति की बैठक हुई। बैठक में शिक्षक संघ, शिक्षा कांग्रेस संघ व अन्य संघों के प्रतिनिधियों के जिला स्तर पर शिक्षकों के चल रहे प्रशिक्षण को लेकर आपत्ति दर्ज की। प्रतिनिधियों ने कहा- प्रशिक्षणों के चक्कर में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसका असर परिणाम पर पड़ेगा। शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर गोपालचंद डाड ने कहा- अब कोई प्रशिक्षण नहीं होगा। परीक्षा तक शिक्षक केवल स्कूलों में पढ़ाएंगे। बैठक में अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
संघों के अध्यक्षों ने कहा- जिला स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण में किसी शिक्षक को ही मास्टर ट्रेनर बना देते हैं। इससे शिक्षक पढ़ाई छोड़कर ऑफिस वर्क में जुट जाता है। इससे शिक्षक स्कूलों में समय नहीं दे पा रहे हैं और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अध्यक्षों की बात सुन कलेक्टर ने डाइट, आदिम जाति कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग व सर्व शिक्षा अभियान के जवाबदारों को दो टूक में कहा- अब अब किसी भी तरह का शिक्षकों को प्रशिक्षण न दिया जाए। परीक्षा का समय नजदीक है। अब केवल पढ़ाई पूरी करवाने में जोर होना चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डीएस रणदा, अपर कलेक्टर एमएल कनेल, संयुक्त राजेंद्रसिंह, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त जेएस डामोर, सीएमएचओ डॉ. रजनी डावर, वन मंडलाधिकारी जामसिंह भार्गव, शहरी परियोजना अधिकारी आशा भंडारी सहित मप्र शिक्षक संघ अध्यक्ष रमेशचंद्र पाटीदार, मप्र कर्मचारी कांग्रेस संघ सुधीर शर्मा, मप्र शिक्षक संघ प्रांताध्यक्ष लच्छीराम इंगले, मप्र राज्य कर्मचारी संघ अध्यक्ष महेंद्रसिंह पटेल व मप्र लिपीक वर्गीय शासकीय संघ पुष्पेंद्रसिंह पंवार मौजूद थे।

7 फरवरी तक जो बीएलओ जहां है वहीं करेंगे काम
बैठक में संघ अध्यक्षों द्वारा शिक्षकों को बीएलओ के कार्य से मुक्त रखने की मांग भी की। कलेक्टर ने कहा 7 फरवरी तक जो बीएलओ जहां हैं, वहीं पर काम करेंगे। इसके बाद उन्हें बदलने पर विचार होगा। जिले में कर्मचारियों व अमले की कमी है। इसे ध्यान में रखते हुए बीएलओ को कार्यमुक्त करना संभव नहीं।

विज्ञान, गणित के शिक्षकों को करेेंगे बीएलओ मुक्त
कलेक्टर ने कहा- विज्ञान और गणित विषयों के शिक्षकों को बीएलओ से मुक्त करने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा जनपदों में कार्यरत कर्मचारियों को बीएलओ में संयोजित किया जा सकता है। जो शिक्षक जिस गांव में है, वहीं पर बीएलओ का सौंपा जाएगा।

इन बिंदुओं पर भी हुई चर्चा
-3 वर्षों से छात्रावासों में जमे अधीक्षकों को पढ़ाने का अवसर दिया जाए।
-अन्य विभाग के कर्मचारी को दूसरे में रिडिप्लायमेंट करने की जानकारी दी जाए।
-सभी डीडीओ शिक्षकों व कर्मचारियों को फार्म नंबर.16 अनिवार्य रूप दें।
-अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का समय पर निराकरण हो।
-अध्यापकों के जीआईएस राशि कटवाई जाए।
-एक वर्ष में दो बार डीपीसी आयोजित की जाए।

Gopal Joshi
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