Ganesh Mandir - महीने में केवल एक बार खुलता है मंदिर, दुर्लभ है ये गणेश मूर्ति

महीने में केवल एक बार खुलता है मंदिर

सनावद. सनातन धर्म में गणेशजी का अलग ही स्थान है। उनकी पूजा सबसे पहले की जाती है, गणेश पूजा के बिना कोई काम नहीं किया जाता। गणेशजी के कई रूप हैं हालांकि आमजन इससे ज्यादा परिचित नहीं है। विभिन्न गणेश रूपों में एक रूप उचिष्ठ गणपति भी माने जाते हैं। देश में उचिष्ठ गणपति मंदिर बहुत कम हैं। ऐसे ही दुर्लभ मंदिरों में शहर का एक मंदिर भी शामिल हे जहां अनूठी प्रतिमा विद्यमान है।

खुले उचिष्ठ गणपति मंदिर के पट
बुधवार को नगर की सीमा पर बसे उचिष्ठ महागणपति मंदिर मेंं खूब गहमागहमी थी। इस दिन मंदिर के पट खुले थे जहां सुबह से लेकर शाम तक कई धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। यजमान दंपत्ति ने भगवान का 108 औषधियों से अभिषेक किया। दोपहर में दूर्वा और लड्डू से हवन के बाद शाम 7.30 बजे महाआरती की गई। महाआरती के बाद भक्तों को भगवान के विग्रह का आशीर्वाद दिया गया। महिलाओं ने भगवान को सुहाग सामग्री भेंट कर आशीर्वाद लिया। पूजन के मुख्य यजमान नितिन पाटीदार धामनोद में विद्वान ब्राह्मणों की मौजूदगी में पूजन किया। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था सुबह 9 से रात 10 बजे तक निरंतर चलती रही। मंदिर की व्यवस्था बनाने में भक्त मंडल के सेवादार एवं डांस एकेडमी के बच्चे सक्रिय नजर आए।


माह में केवल एक बार खुलता है मंदिर
आचार्य पंडित संदीप बर्वे ने बताया कि माह में केवल एक बार उचिष्ठ गणपति मंदिर के पट खुलते हैं। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मंदिर को खोला जाता है जिससे गणेश भक्त दर्शन और पूजा पाठ कर सकें। मंदिर में इस दिन सुबह 9 बजे से लेकर रात 10 बजे तक श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन और पूजा पाठ किया जाता है।

deepak deewan Desk
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