script पहाड़ी क्षेत्र में बसे गांवों के किसान महाराष्ट्र यूरिया लाने को मजबूर, सहकारी समिति नहीं होने से बने हालत | Farmers are facing problems for urea in Rabi season | Patrika News

पहाड़ी क्षेत्र में बसे गांवों के किसान महाराष्ट्र यूरिया लाने को मजबूर, सहकारी समिति नहीं होने से बने हालत

locationखरगोनPublished: Nov 24, 2023 07:26:05 pm

Submitted by:

Amit Bhatore

-रबी सीजन में यूरिया के लिए किसानों को होना पड़ रहा परेशान

खरगोन। मंडी में वितरण केंद्र पर यूरिया लेने पहुंचे किसान।
पहाड़ी क्षेत्र में बसे गांवों के किसान महाराष्ट्र यूरिया लाने को मजबूर, सहकारी समिति नहीं होने से बने हालत
पहाड़ी क्षेत्र में बसे गांवों के किसान महाराष्ट्र यूरिया लाने को मजबूर, सहकारी समिति नहीं होने से बने हालत

-रबी सीजन में यूरिया के लिए किसानों को होना पड़ रहा परेशान


खरगोन. अंचल में पिछले कुछ दिनों से यूरिया को लेकर किसानों को मुसीबत उठाना पड़ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी सतपुड़ा पहाड़ी अंचल के किसानों को हो रही है। महाराष्ट्र सीमा के गांवों में किसानों को यूरिया के लिए दूर दराज के गांवों में जाना पड़ रहा है। सिरवेल में सहकारी समिति नहीं है। यहां किसानों 22 किलोमीटर दूर पीपलझोपा में सहकारी समिति में खाद लेने जाना पड़ता है। अंबा के किसान कुंवरसिंह ने कहा कि उन्हें पीपलझोपा से यूरिया लाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए वे महाराष्ट्र के चोपड़ा, यवल, तिनगांव व रायला से खाद लेकर आते हैं। उन्हेें 240 रुपए में यहां यूरिया का बैग मिल जाता है। इसी प्रकार ग्राम सिरवेल के किसान मुन्ना केकडिया ने कहा कि पीपलझोपा सहकारी समिति की दूरी अधिक होने से अधिकांश किसान महाराष्ट्र के गांवों से खाद लाते हैं। किसान लंबे समय से सिरवेल में सहकारी समिति खाेलने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें खाद-बीज के लिए परेशान न होना पड़े।
कतार में किसान, एक पावती पर दो बैग यूरिया

शहर के कृषि उपज मंडी में खाद वितरण केंद्र में यूरिया के लिए किसानों की कतार लग रही है। गुरुवार को भी यहां किसान यूरिया लेने पहुंचे। दिनभर किसानों की भीड़ लगी रही। एक पावती पर दो बैग यूरिया किसानों को दिया गया। बावजूद इसके कई किसानों को यूरिया नहीं मिल पाया। खाद लेने पहुंचे डोंगरचिचली के किसान धूलसिंह ने बताया कि उन्हें बाजार में अधिक मूल्य पर यूरिया दिया जा रहा है। इसलिए वे खाद वितरण केंद्र पर यूरिया लेने पहुंचे। परंतु यहां भी उन्हें अगले दिन खाद मिलना बताया गया। इस मामले में कृषि आदान विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्रसिंह चावला ने कहा कि निजी प्रतिष्ठानों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही खाद दिया जा रहा है। खाद के बदले अन्य प्रोडक्ट खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा रहा है।
रबी सीजन में हो चुकी 80 प्रतिशत बोवनी

जिले में तीन लाख 66 हजार हेक्टेयर में रबी सीजन में बोवनी का लक्ष्य रखा गया है। तीन लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में बोवनी हो चुकी है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में साढ़े आठ हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। खंडवा रेलवे रेक पॉइंट से यूरिया की आपूर्ति की जा रही है।

:: यह है खाद का निर्धारित दाम ::

खाद -प्रति बैग की कीमत

यूरिया -266.50

डीएपी -1350

एनपीके -1470

सुपर दानेदार -465

सुपर पाउडर -425


वर्शन

जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। रेलवे रेक पॉइंट खंडवा से भी नियमित यूरिया जिले में सहकारी समितियों और निजी प्रतिष्ठानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सिरवेल में आठ व्यापारियों को लायसेंस दिए गए हैं। किसानों की शिकायत पर जांच की जाएगी। -एमएल चौहान, उपसंचालक कृषि, खरगोन

ट्रेंडिंग वीडियो