सिख समाज ने दिखाई एकजुटता, समाज प्रमुखों को किया समान, कलेक्टर ने खुद की थाली साफ की

उत्सव के रूप में मना गुरुगोविंदसिंघ का प्रकाश पर्व, समाज प्रमुखों का हुआ समान

By: rohit bhawsar

Updated: 03 Jan 2020, 08:03 PM IST

खरगोन तिलकपथ स्थित गुरुद्वारा साहेब में गुरुवार को हिंद ए रक्षक गुुरुगोविंदसिंघ का प्रकाश पर्व गुरुसिंघ सभा द्वारा उत्सव के रूप में मनाया गया। यहां समाज ने सामाजिक समरसता दिखाईतो कलेक्टर ने खुद की थाली साफ कर सादगी का परिचय देते हुए अपने आप खुद करन की सीख दी। गुरुपर्व पर गुरुद्वारा साहेब में उत्सवी माहौल रहा। सुबह गुरुद्वारे में अखंड पाठ साहेबजी की समाप्ति के बाद विशेष कीर्तन दीवान सजा। इसमें खंडवा के विशेष रूप आमंत्रित ईश्वरसिंह एवं ज्ञानी प्रदीपसिंह खालसा ने शब्द कीर्तन से गुरुगोविंदसिंघ का गुणगान किया। इस दौरान बोले सो निहाल, सतश्री अकाल एवं वाहे गुरु दा खालसा वाहे गुरु दी फतेह के उद्घोष से गुरुद्वारा साहेब गुंजायमान होता रहा। मीडिया प्रभारी परविंदरसिंह चावला ने बताया कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि नगर में सांप्रदायिक एकता की मिसाल कायम रखने एवं सामाजिक कार्य करने वाले समाज प्रमुखों एवं समाजसेवियों का कमेटी ने समान किया। समारोह की शुरुआत विधायक रवि जोशी, कलेक्टर गोपालचंद्र डाड, एसपी सुनील कुमार पांडेय के साथ हुई। इन्हें शॉल, सिरोपा एवं अभिनंदन पत्र सौंपे गए। अभिनंदन पत्र का वाचन मंजीतसिंह चावला ने किया। संचालन गुरुसिंघ सभा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष इंद्रजीतसिंह चावला ने किया। इस दौरान करीब 50 से अधिक समाजसेवियों एवं समाज प्रमुखों का समान किया गया। समान समारोह एवं कीर्तन दरबार के समाप्ति के बाद गुरु का अटूट वरता गया। यहां सभी ने एकजुट होकर बिना भेदभाव के गुरु का लंगर ग्रहण किया। लंगर की सेवा सरदार अमरजीत सिंह छाबड़ा परिवार द्वारा की गई।
कलेक्टर ने खुद की थाली की साफ
प्रकाश पर्व में शामिल हुए कलेक्टर ने पहले लंगर में प्रसादी ली। इसके बाद खुद की थाली को साफ भी किया। उनकी इस सादगी को हर किसी ने पसंद किया। कलेक्टर ने कहा- पद-प्रतिष्ठा अपनी जगह। जहां के जो नियम हैं, अनुशासन है उसका पालन करना चाहिए। वैसे भी रुटिन के काम जो हमारे दायरे में हैं हम सब ने करना चाहिए। गुरुगोविंदसिंघजी के बलिदान को किया याद प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष चावला ने गुरुगोविंदसिंघ के द्वारा खालसा पंथ एवं धर्म की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान पर प्रकाश डालते हुए प्रकाश पर्व के दौरान 8 दिनों तक हुए 5 दिनी प्रभातफेरी, अखंड पाठ साहेब की आरंभता, निशान साहेब की सेवा एवं नगर कीर्तन जैसे धार्मिक कार्यक्रमों की जानकारी दी। इन्होंने किया अतिथियों का समान समाज के प्रमुख भजनसिंह चावला, मनमोहनसिंह चावला, इकबालसिंह भाटिया, बलवंतसिंह भाटिया, इंदरसिंह भाटिया, टेकचंद आरिजा, जसपालसिंह भाटिया, तिंदरसिंह सैनी, राजू चावला, हरदयालसिंह भाटिया, हरभजनसिंह भाटिया, जोगिंदर सिंह छाबड़ा, अमरजीत सिंह छाबड़ा, परमजीतसिंह सलूजा, जसबीरसिंह भाटिया, हरप्रीतसिंह भाटिया एवं स्त्री सत्संग जत्थे की त्रिलोचन कौर चावला, रानू सैनी, हरजीत कौर चावला, स्वीटी भाटिया आदि ने अतिथियों का स्वागत एवं समान किया गया। रात्रि में सजा दीवान, गुरु की वाणी का हुआ जसगान रात्रि दीवान 9 से रात 12.30 तक सजा। इसमें शब्द कीर्तन एवं गुरु की वाणी का जसगान हुआ। इसके बाद आतिशबाजी कर एक-दूसरे को गुरुपर्व की बधाई देकर प्रकाशोत्सव का समापन किया गया।

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