ट्रक को दो भागों में बांटकर 8 0 से ज्यादा पशुओं को भरा, 4 की दम घुटने से मौत

ट्रक को दो भागों में बांटकर 8 0 से ज्यादा पशुओं को भरा, 4 की दम घुटने से मौत

Rahul Gangwar | Publish: Aug, 13 2018 01:33:40 AM (IST) Khargone, Madhya Pradesh, India

सेंधवा से परिवार के साथ घूमने निकला युवक, गो-वंश की आशंका में शहर तक किया ट्रक का पीछा

खरगोन. शहर के रास्ते होकर महाराष्ट्र में पशुओं की तस्करी का अवैध धंधा तेजी से बढ़ता जा रहा है। रविवार शाम को जैतापुर चौकी क्षेत्र में एक युवा की सक्रियता से 8 0 से अधिक गोवंश को तस्करों के चंगुल से छुड़वाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेंधवा निवासी एक युवक रविवार दोपहर अपने परिवार के साथ घूमने निकला था। मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर उसकी कार के आगे एक ट्रक क्रमांक एचआर 55 के 9056 चल रहा था। युवक को ट्रक में गो-वंश भरे होने की आशंका हुई। चालक ने ट्रक को जुलवानिया से खरगोन की तरफ मोड़ लिया। युवक ने बताया कि गो-वंश की पुष्टी करने के लिए उसने अपनी कार ट्रक के पीछे चलने दी। कुछ दूरी बाद उसने ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहा। युवक ने बताया कि वह अपनी कार लेकर खरगोन बस स्टैंड पहुंचा। इतने में चालक ने ट्रक को खंडवा रोड की तरफ मोड लिया। पीछा किया तो उसने चकमा देने के लिए ट्रक को नहर किनारे मोड़ सनावद रोड आ पहुंचा। युवक ने जैतापुर क्षेत्र के मृदा परीक्षण केंद्र के समीप ट्रक को रोकने रोड पर कार खड़ी कर दी। यह देखकर चालक ने ट्रक रोकी। चालक और ट्रक में मौजूद तीन अन्य लोग कूदकर भाग निकले। उन्होंने आसपास के लोगों को ट्रक में गोवंश होने की सूचना दी। इसके बाद बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और क्षेत्र के युवा मौके पर पहुंचे। यहां से ट्रक को जैतापुर चौकी लाया गया। मामले की भनक लगते ही जैतापुर चौकी सहित मेनगांव और खरगोन थाना के पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचें।

निर्दयता : ऐसा ठूंसा कि गर्दन भी हिलाना मुश्किल
ट्रक में पशुओं को इतनी निर्दयता से ठूंस-ठूंसकर भरा गया था कि किसी भी पशु के लिए गर्दन भी हिलाना मुश्किल लग रहा था। तस्करों ने ट्रक में पशुओं को भरने के लिए लकड़ी के पाट लगाकर दो हिस्से बनाए गए। दोनों हिस्सों में 8 0 से अधिक गो-वंशों को भरा गया। ट्रक में दम घूंटने से चार पशुओं की मौत भी हो गई।

लकड़ी के बॉक्स बनाकर तिरपाल से ढंका
दिनदहाड़े पुलिस की आंखों में धूल झोंककर गो-वंश ले जाने के लिए तस्करों ने चालाकी दिखाई। ट्रक के पिछले हिस्से और छत पर लकड़ी के खाली बॉक्स रखे गए। इसके बाद दोनों हिस्सों को तिरपाल से अच्छी तरह ढंक दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक को इस तरह ढंका गया था कि पहली बार देखने पर कोई भी गोवंश के होने का अंदाजा नहीं लगा सकता।

वाहनों की चेकिंग करेंगे
पशुओं की अवैध तस्करी के लिए जिले की सड़कों का उपयोग हो रहा है। इन पर रोक लगाने के लिए जिले की सीमाओं पर चेकिंग पाइंट बनाएंगे। एक-दो दिन में वाहनों की चेकिंग शुरु कराई जाएगी।
- डी कल्याण चक्रवर्ती, एसपी, खरगोन।

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