रेत ठेकेदार पर मेहरबान अफसर, नर्मदा किनारे खनन का खेल

चौकीदार ने कहा पटवारी के कहने छोड़ दी पोकलेन, नायब तहसीलदार को पता नहीं

By: हेमंत जाट

Published: 28 May 2021, 12:07 PM IST

कसरावद/ खरगोन.
रेत खदान ठेकेदार और अवैध रेत उत्खननकर्ताओं ने नर्मदा तटीय इलाकों को बीहड़ सा बना दिया है। लॉक डाउन के दौरान भी महेश्वर बांध परियोजना के डूब क्षेत्र के ग्राम लेपा के नर्मदा तट से लगे हिस्सों में जमकर उत्खनन किया जा रहा है। सुखलाल वर्मा और ग्रामीणों की शिकायत पर 16 मई को लेपा पहुंचे नायब तहसीलदार राहुल सोलंकी और पटवारी राजेश साठे ने मौके पर पोकलेन जब्त की । लेकिन जब्त पोकलेन को गांव के चौकीदार (कोटवार) के सुपुर्द कर दी और पंचनामा रिपोर्ट एसडीएम संघप्रिय को सौप दी। उधर एसडीएम ने पंचनामा जिले में बैठे उच्चाधिकारियों को पहुंचाने की बात कहीं । एसडीम ने बताया कि उक्त कार्रवाई के दौरान बने पंचनामे की जानकारी में उल्लेखित अज्ञात पोकलेन को मौका स्थल पर अवैध खनन करना नहीं पाया गया । हालांकि एसडीएम की माने तो भी यह संशय वाली बात है कि अज्ञात पोकलेन जब मौके पर उत्खनन करती नहीं मिली तो पंचनामा क्यों बनाया। इस पूरी कार्रवाई पर सवाल खड़े होना लाजमी है, तब जबकि कार्रवाई के दौरान जब्त पोकलेन को वरिष्ठ अफसरों की जानकारी में डालकर पुलिस अभिरक्षा में देना थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसे कोटवार के सुपुर्द कर दिया। खनिज विभाग को भी सूचना नहीं दी गई।

पटवारी के कहने पर छोड़ा
उधर, पटवारी राजेश साठे के कतिथ फोनकॉल पर कोटवार जब्त पोकलेन को छोड़ दिया। कोटवार से जब्त पोकलेन के संबंध में पूछने पर यह खुलासा हुआ। वही सवाल यह भी उठता है कि जब अज्ञात पोकलेन का पंचनामा बनाया तो फिर पटवारी ने किसे चाबी सौंपने के लिए कोटवार को निर्देशित किया । वही दूसरी ओर इस पूरे मामले को लेकर जब नायब तहसीलदार राहुल सोलंकी से बात की तो वह पोकलेन मौके पर कोटवार के सुपुर्द ही जब्त होने की बात कह गए। लेकिन जब पटवारी के कहने पर कोटवार द्वारा पोकलेन छोड़े जाने की बात बताई तब टालमटोल करते हुए नायब तहसीलदार राहुल सेलंकी कहने लगे कोटवार से पूछ कर बताता हूं कि पोकलेन का मालिक कौन है और किसे सौंपी । उधर पटवारी राजेश साठे से संपर्क करने पर उन्होंने एसडीएम से उक्त संबंध में बात करने की बात कहकर मामले से पल्ला झाडऩे लगे ।

स्वीकृत खदानों से बाहर खनन
ग्रामीण सुखलाल और अन्य का कहना है कसरावद तहसील में नर्मदा नदी के एरिये से रेत निकालने के लिए शासन ने आरके गुप्ता नामक कंपनी को ठेका पर दिया है मगर ठेकेदार द्वारा स्वीकृति खदानों के बाहर खनन किया जा रहा है। रेत माफिया यहां से अवैध तरीके से रेत निकाल कर शासन को प्रति दिन लाखों रूपए के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस अवैध कारोबार में खनिज विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिसके चलते रेत ठेकेदार रोजाना बड़ी मात्रा में रेत का उत्खनन और परिवहन कर रहा है।

खनन नहीं...
पोकलेन मशीन अवैध खनन नहीं कर रही थी मामला जिले स्तर पर भेजा था वहां से बोला गया था वहा छोडऩे का निर्णय लिया गया है।
संघप्रिय, एसडीएम कसरावद

हेमंत जाट Bureau Incharge
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