Improvent-देश का एक ऐसा गांव, जहां आजादी के बाद से आज तक नहीं हुआ कोई केस दर्ज

अनूठी उपलब्धी...सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने ऑन लाइन चर्चा कर दिया डिजिटल प्रमाण पत्र

By: हेमंत जाट

Published: 17 Oct 2020, 09:40 PM IST

खरगोन.
क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आज के वक्त में किसी गांव में केस या मुकद्दमा न दर्ज हुआ हो। खरगोन जिले की कसरावद तहसील मुख्यालय से महज छह किलोमीटर दूर कठोरा गांव ऐसा भी है, जहां आजादी के बाद से अब तक थाने पर एक भी केस या मुकद्दमा दर्ज नहीं हुआ है। ऐसा भी नहीं है कि इस गांव में झगड़ा-लड़ाई या विवाद नहीं होता। होता सब कुछ है, लेकिन यहां के लोग समस्याओं को मिल बैठ कर सुलझा लेते हैं।
गांधीजी आदर्श पर चलते हैं लोग
कठोरा में गांधीजी आज भी यहां के लोगों के लिए पूजनीय हैं। उनके आदर्शों पर चलते हैं। अहिंसा यहां के लोगों का सबसे बड़ा हथियार है। गांधी के चंपारण आगमन व सत्याग्रह का यहां आज भी प्रभाव देखने को मिलता है।और यहां का बच्चा बूढ़ा सभी एक-दूसरे को सीताराम कह कर आवाज देते हैं।

भजन-कीर्तन में लगाया मन, इसलिए बुराइयां से नहीं रहा नाता
गांव में ताश व जुए का खेल नहीं खेला गया है। यहां के लोग इस तरह के खेल को गलत मानते हैं। इसके दुष्परिणाम को देखते हुए गांव के लोगों ने ही जुए व ताश के खेल को सर्वसम्मति से बैन कर रखा है। समय काटने व मनोरंजन के लिए लोग नर्मदा किनारे बने मंदिर में भजन व कीर्तन करते हैं। कसरावद थाना प्रभारी माधव ठाकुर भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि कठोरा गांव का एक भी केस थाने के रेकॉर्ड में दर्ज नहीं है। बडग़ांव पंचायत की सरपंच नर्मदा यादव कहती हैं कि कठोरा में यादवों की आबादी अधिक है। ये लोग मेरे पास किसी भी विवाद को लेकर नहीं आते हैं। खुद ही आपस में मिल-बैठकर विवाद या समस्या का निपटारा कर लेते हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि महिलाओं से संबंधित मामले महिलाएं ही निपटाती हैं।

चीफ जस्टिस ने दिया देश में निर्विवाद गांव का प्रमाण पत्र
करीब 100 परिवारों के 1200 की आबादी वाले कठोरा गांव को 2002 के बाद देश में दूसरी बार निर्विवाद गांव घोषित किए जाने के बाद देश की सर्वोच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस शरद बोबडे ने ग्रामीणों से ऑन लाइन चर्चा कर जिला न्यायाधीश की मौजूदगी में दूसरी बार निर्विवाद गांव का डिजिटल प्रमाण पत्र दिया गया।

हेमंत जाट Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned