मप्र का खरगोन जिला लिंगानुपात के मामले में रेड जोन वाला

-बेटों की तुलना कम जन्म ले रही बेटियां, एक हजार बेटों पर 911 बेटियों का जन्म

By: Gopal Joshi

Published: 03 Jul 2021, 07:08 PM IST

खरगोन.
लिंगानुपात के मामले में मप्र का खरगोन जिला रेड जोन में है। यहां बेटों की तुलना बेटियां कम जन्म ले रही हैं। इस चिंता के चलते प्रशासन ने अब ब्लॉक स्तर पर निगरानी टीम गठित की है। जो सोनाग्रॉफी सेंटर्स की जांच कर वहां होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेगी। वर्तमान में जिले में एक हजार बेटों की तुलना ९११ बेटियां ही जन्म ले रही हैं। इस लिहाज से जिला रेड जोन में है। स्थिति को सुधारने के लिए देर से ही सही लेकिन अफसरों की नींद टूटी है। अब ब्लॉकवार निगरानी टीम बनाकर फिर से लोगों को बेटा-बेटी एक समान का पाठ पढ़ाया जाएगा। जागरूकता फैलाएंगे।
पीसी एंड पीएनडीटी की बैठक में कलेक्टर अनुग्रहा पी. स्पष्ट कर चुकी हैं कि जिला लिंगानुपात के मामले में रेड जोन में है। रेड जोन से बाहर लाने के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले ब्लॉकवार निगरानी टीम बनेगी। इसमें एसडीएम और बीएमओ प्रमुख होंगे। इनकी देखरेख में क्षेत्र के सोनोग्रॉफी सेंटर की चैकिंग की जाएगी। पीसी एंड पीएनडीटी के नोडल अधिकारी चंद्रजीतसिंह सांवले ने बताया कलेक्टर के निर्देश पर ब्लॉक स्तर पर टीम बनाकर काम करेंगे। जिले का लिंगानुपात ंिचंता जनक है। बेटे-बेटियों के जन्म का अंतर 89 आ रहा है। यानी एक हजार बेटों पर 911 बेटियां ही जन्म ले रही हैं।

इस तरह सुधारेंगे लिंगानुपात
ब्लॉक स्तर पर एसडीएम और बीएमओ के निरीक्षण दल बनेंगे।
गांव-गांव भ्रमण करेंगे। लोगों को समझाइश देंगे।
सोनोग्रॉफी केंद्रों को प्रशिक्षण देंगे।
बेटी बचाओ जागरूकता के लिए कार्यशालाएं होगी।
लिंगानुपात कम हो रहा है उसके प्रति जागरूक करेंगे।
सफल बेटियों को सम्मानित करेंगे।
एक-दो बेटियों पर परिवार नियोजन अपनाया है उनका सम्मान करेंगे।

जनगणना 2011 के अनुसार ऐसी है जिले में महिला-पुरुष की स्थिति
क्षेत्र कुल आबादी पुरुष महिला
सिटी-आउट ग्रोथ 116150 59752 56398
शहर की जनसंख्या 106454 54678 51776
साक्षर 75915 41688 34227
बच्चे (0.6) 13801 7220 6581
औसत साक्षरता 81.93प्रतिशत 87.84 प्रतिशत 75.73 प्रति.
लिंगानुपात 947
बाल लिंगानुपात 911

शत प्रतिशत होना चाहिए लिंगानुपात
-वैसे तो लिंगानुपात शत प्रतिशत होना चाहिए। लेकिन 40-50 तक का अंतर सामान्य श्रेणी में आता है। अभी जिले में एक हजार लड़कों पर ९११ बेटियां ही जन्म ले रही हैं। यह रेड जोन है। इसे सुधारेंगे। -चंद्रजीतसिंह सांवले, नोडल अधिकारी, पीसी एंड पीएनडीटी

Gopal Joshi
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