चोरी की बढ़ती वारदातों से आक्रोश, विरोध में बंद रहा बाजार

चोरी की बढ़ती वारदातों से आक्रोश, विरोध में बंद रहा बाजार, दो दिन में १३ स्थानों पर बोला धावा, व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी बनाया निशाना

By: हेमंत जाट

Published: 22 Aug 2017, 01:32 PM IST

खरगोन. झिरन्या में बढ़ती आपराधिक एवं असामाजिक गतिविधियों के विरोध में रविवार को व्यापारी एसोसिएशन के तत्वावधान में नगर बंद कराया गया। नगर बंद को लेकर एसोसिएशन ने बताया कि दो सप्ताह में नगर में दो दिन में करीब 13 आवासीय एवं व्यासायिक प्रतिष्ठानों पर चोरी की वारदातें हो चुकी हैं। इसमें चोर लाखों रुपए का माल व नकदी लेकर चंपत हो गए। लेकिन पुलिस विभाग की लापरवाही के चलते अभी भी चोरों के हौसले बुलंद हैं। आमजनता अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है।
इसी तरह क्षेत्र में गोवंश का अवैध परिवहन एवं खरीदी, बिक्री पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है। तहसील मुख्यालय होने के कारण अंचल में सैकड़ों नागरिक विभिन्न कार्यों के लिए झिरन्या आते हैं। क्षेत्र में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों का भारी दबाव रहता है। इनमें अधिकाश वाहन चालकों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस होता है, न ही इनके परिवहन नियमों का पालन किया जाता है। शराब का सेवन कर वाहन चलाए जाने से आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन पुलिस विभाग द्वारा इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। इस क्रम में जुआ, सट्टा जैसी अवैध गतिविधियां दिनोंदिन फल-फूल रही हैं। लेकिन पुलिस का इन पर कोई अंकुश नहीं है। यहां तक कि नगर व क्षेत्र में होने वाली किसी भी छोटी-बड़ी घटना के बाद कतिपय तत्व पुलिस एवं पीडि़त पक्ष के मध्य सौदेबाजी कर मामलों को मनचाहा रूप देने के प्रयास भी किए जाते हैं। तथाकथित दलालों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। आरक्षी केंद्र झिरन्या, चैनपुर के लिए ३४ पुलिस बल स्वीकृत है लेकिन थाने में आधा बल भी उपलब्ध होने से पुलिस क्षेत्र का न तो ध्यान दे पाती है और न ही आपराधिक घटनाओं की पड़ताल कर पाती है। यहां तक कि घटना के कई कई घंटों तक पुलिस मौके पर पहुंच ही नहीं पाती। मुख्यालय पर कार्य का बोझ अधिक होने तथा बीट प्रभारी की निरंतर उदासीनता को देखते हुए अन्य अधिकारी की तत्काल नियुक्ति आवश्यक है।


...तो करेंगे उग्र आंदोलन
व्यापारी एसेसिएशन ने 12 बजे पहुंचे एसडीओपी प्रदीपसिंह राणावत को समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया गया कि सभी प्रमुख समस्याओं का शीघ्र ही समाधान नहीं किया गया तो व्यापारी एसेसिएशन को 27 अगस्त के बाद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस सम्बंध में एसडीओपी राणावत एवं थाना प्रभारी पीसी कालोया ने एसेसिएशन को आश्वासन दिया कि आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति बहाली के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। अजीतपालसिंह भाटिया, मनोज गंगराड़े, बंसत अग्रवाल, अमोलकसिंह भाटिया, कविराज गंगराड़े, प्रतीक ठाकुर, सुधीर यादव, संजय गंगराड़े, विकास शर्मा, ओमप्रकाश तिवारी, संजय सोनी, दीपक शर्मा, रजनीश गुप्ता, राकेश राठौड़, सुमित जायसवाल, रत्नेश राठौड़, पिंकू सोनी, डिम्पी राठौड़, अंजुल गंगराड़े सहित व्यापारी उपस्थित थे।

हेमंत जाट Bureau Incharge
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