श्रम विभाग का बाबू पांच हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ाया

श्रम विभाग का बाबू पांच हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ाया
सर्किट हाउस पर कार्रवाई करते लोकायुक्त टीम के सदस्य।

Hemant Jat | Updated: 08 Aug 2019, 01:10:09 PM (IST) Khargone, Khargone, Madhya Pradesh, India

-गोगावां में मकान मालिक को जारी हुआ था श्रम कार्यालय से नोटिस, उपकर जमा करने की आड़ में रिश्वत मांगी, शिकायत पर टीम ने कार्यालय के बाहर दबोचा

खरगोन.
शहर के बैंक कॉलोनी स्थित श्रम विभाग कार्यालय के बाबू को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने पांच हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोचा। यह कार्रवाई बुधवार सुबह 11 बजे हुई। इस वक्त पर कर्मचारी ऑफिस पहुंचे ही थे कि लोकायुक्त टीम ने गेट पर दस्तक दी और बाबू नारायण उर्फ नाया ब्राह्मणे को रिश्वत के साथ धरदबोचा। बाबू के खिलाफ गोगावां निवासी जय नारायण पिता नत्थू गुप्ता ने चार अगस्त को लोकायुक्त एसपी को शिकायत की थी। 5 अगस्त बाबू के बीच बातचीत टैप की गई। शिकायत सही मिलने पर बुधवार सुबह लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण बघेल के नेतृत्व में टीम खरगोन पहुंची। यहां योजनाबद्ध तरीके से जयनारायण को बाबू के पास भेजा। कार्यालय के बाहर फरियादी से रुपए लेकर जैसे ही ब्राह्मणे ने अपने पास रखे, वैसे ही टीम ने उसे पकड़ लिया। यह वाक्या देखकर कार्यालय पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी भी हक्का-बक्का रह गए। यहां से लोकायुक्त टीम आरोपी को लेकर सर्किट हाउस पहुंची। यहां दस्तावेजों की जांच के साथ पूछताछ की गई। लोकायुक्त टीम में निरीक्षण राहुल, आरक्षक आदित्य भदौरिया, शिवप्रकाश पाराशर, आशीष नायडू शामिल थे।

1996 में बने मकान का मांगा नक्शा
फरियादी जयनारायाण गुप्ता ने गोगावां में 1996 में एक मकान खरीदा था। इस मकान को रिनावेट कर जमीन तल पर डॉक्टर बेटे के लिए क्लिनिक बनाया गया था। गुप्ता ने बताया कि उन्हें 19 जुलाई को जिला श्रम अधिकारी शैलेंद्र सोलंकी के हस्ताक्षर से नोटिस प्राप्त हुआ था। जिसमें लिखा गया कि नए निर्माण के लिए अपने अनुज्ञा नहीं ली। उपकर (टैक्स) जमा करने के लिए कार्यालय बुलाया गया। 22 जुलाई को फरियादी श्रम कार्यालय पहुंचा तो अधिकारी नहीं मिले। फिर 24 जुलाई को आने पर अधिकारी ने डिलिंग क्लर्क नाया ब्राह्मणे के पास भेजा। ब्राह्मणे ने स्क्वेयर फीट से मकान की गणना कर बताया कि आपकों 60 हजार रुपए टैक्स देना पड़ेगा। जैसे-तैसे छह हजार रुपए में सौदा पक्का हुआ। 5 अगस्त को एक हजार दिए और शेष राशि बुधवार को देना तय हुआ था।

चौथी बार भ्रष्ट कर्मचारियों को किया बेनकाब
जनरल स्टोर्स की छोटी सी दुकान चलाने वाले जय नारायण गुप्ता ने भ्रष्ट कर्मचारियों को बेनकाब करने के लिए जंग छेड़ रखी है। उन्होंने चौथी बार किसी कर्मचारी को रिश्वत मांगने पर लोकायुक्त के हाथ पकड़ाया। 1984 में गुप्ता के पिता राशन दुकान संचालित करते थे। तत्कालीन फूड इंस्पेक्टर सुरेश चौरे ने केस बनाते हुए सात हजार की रिश्वत मांगी थी। तब पहली बार गुप्ता ने लोकायुक्त को शिकायत की। इसके बाद 1990 में धूलकोट में ससुर की किराना दुकान पर सफेद मसूली बेचने का केस बनाकर वन कर्मचारी अश्विनी कुमार और 2005 में रिश्तेदार शिक्षक की मौत पर पीएफ की राशि निकालने के लिए बेटे से रिश्वत मांगने पर अहीरखेड़ा हायर सेकंडरी के प्राचार्य को पकडऩे में मदद की।

नए निर्माण पर लगता है उपकर
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए निर्माण पर उपकर (सेफ) वसूली की कार्रवाई श्रम विभाग के माध्यम से होती है। सूत्रों के मुताबिक दुकानों के निर्माण के लिए टैक्स जमा करना अनिवार्य हैं, तो वहीं आवासीय भवन के निर्माण पर 10 लाख तक की छूट है।

रिश्वत लेते पकड़ा
श्रम विभाग के बाबू के खिलाफ फरियादी द्वारा शिकायत की थी। इस पर बुधवार को कार्रवाई कर डिलिंग क्लर्क नाया ब्राह्मणे को रिश्वत लेते पकड़ा गया। आरोपी से पूछताछ कर बांड भरवाया गया है।
प्रवीण बघेल, डीएसपी लोकायुक्त इंदौर

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