प्रदेश की इस पर्यटन नगरी में अब मुफ्त में नहीं होगी फिल्म शुटिंग, प्री-वेडिंग, कैमरा चलाने से पहले देना होगा शुल्क

लाइट, कैमरा एंड एक्शन...
महेश्वर में एक दिन की फिल्म शुटिंग के लिए मेकर को देना होंगे २० हजार, प्री-वेटिंग शुट पर चार से छह हजार शुल्क
महेश्वर, मंडलेश्वर के घाटों पर फिल्म शुटिंग करने वालों को देना होगा रेंट, प्री-वेडिंग शुट पर भी लगेगा शुल्क
महेश्वर को सिनेमा स्कोप में दिखाने के लिए जिला पर्यटन, पुरातत्व एवं संस्कृति समिति ने निर्धारित की दरें

By: Gopal Joshi

Published: 23 Feb 2021, 09:06 PM IST

खरगोन.
महेश्वर के दार्शनिक स्पॉट अब कैमरे में कैद करने के लिए शुटिंग करने वालों को जेब ढीली करनी होगी। जिला पर्यटन, पुरातत्व एवं संस्कृति समिति ने महेश्वर को कैमरे की नजर से विश्व पटल पर दिखाने के लिए शुल्क निर्धारित कर लिया है। महेश्वर के किले, घाट स्थलों को शुट कर उसका उपयोग अन्य उद्देश्य से करने के लिए शुटिंग दर तय कर दी है। घाट पर अब प्रीवेडिंग शुटिंग ड्रोन कैमरे के साथ की जाती है तो इसके लिए चार हजार से छह हजार तक खर्च होगा। फिल्म शुटिंग के लिए भी अलग-अलग दरें निर्धारित की है। यह खर्च दस हजार से ५० हजार रुपए प्रतिदिन होगा।

महेश्वर किला व घाट स्थलों के लिए निर्धारित दर
प्रीवेडिंग शुटिंग : ड्रोन कैमरे के साथ महेश्वर के लोगों को 4 हजार रुपए रोजाना व बाहरी क्षेत्र के निवासी के लिए 6 हजार रुपए शुल्क अदा करना होगा।
फिल्म शुटिंग : इसके लिए एक दिन का शुल्क 20 हजार, दो दिन के लिए 35 हजार, तीन दिन से अधिक के लिए दस हजार रुपए रोजाना खर्च आएगा।
ड्रोन कैमरा शुटिंग : यदि घाटों का दृश्य ड्रोन कैमरे से लिया जा रहा है तो एक बार के लिए 10 हजार रुपए देना होंगे।
बड़े बैनर की फिल्मों के लिए : बड़े बैनर की फिल्मों के लिए पहले पांच दिन के लिए 50 हजार, 5 से 15 दिन के लिए 30 हजार रुपए रोज, 15 दिनों से अधिक के लिए रोजाना 10 हजार रुपए खर्च होंगे।

मंडलेश्वर में भी फ्री में नहीं होगी शुटिंग
समिति ने महेश्वर के अलावा मंडलेश्वर क्षेत्र के स्थलों के लिए भी शुल्क तय किया। यहां फिल्म शुटिंग के लिए एक दिन की दर 10 हजार, 2 से 3 दिनों की 15 हजार, 3 दिन से अधिक रोजाना 10 हजार और ड्रोन से मात्र एक बार के लिए 5 हजार रुपए शुल्क देना होगा। बड़े बैनर की फिल्में यदि मंडलेश्वर में शुट होगी है तो इसके लिए फिल्म मैकर्स को बीस हजार रुपए तक एक दिन में खर्च होगा।

यहां से मिलेगी अनुमति
मप्र शासन द्वारा मप्र फिल्म पर्यटन निति 2020 जारी की है। इसमें प्रत्येक जिले में अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी को नोडल नियुक्त किया है। जिले में जिला पर्यटन, पुरातत्व एवं संस्कृति समिति ने नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर को बीएस सोलंकी को नियुक्त किया है। नोडल अधिकारी इन स्थानों की वीडियो शुटिंग के लिए अनुमति देंगे।

1970 में पहली बार हुई थी फिल्म शुटिंग
पिछले वर्षों से महेश्वर में शुटिंग करने का ट्रेंड का चल पड़ा है। यहां न सिर्फ प्रीवेडिंग बल्कि टीवी सिरियल, वेब सीरीज व बड़े बैनरों की फिल्में भी शुट की गई हैं। महेश्वर के दृश्यों की शुटिंग करने का सिलसिला 50 वर्ष पूर्व 1970 में महाशिवरात्रि नामक फिल्म से शुरू हुआ था।

अब तक इन फिल्मों की हो चुकी है शुटिंग
महेश्वर में अब तक तुलसी, गौतमी पुत्र शतकर्णी, अशोका द ग्रेट, यमला पगला दीवाना, यमला पगला दीवाना.2, मणिकर्णिका, तेवर, जिनियस, पेडमेन, दबंग.3, कलंक सहित अन्य फिल्मों व धारावाहिक सीरियलों की शुटिंग की जा चुकी है।

Gopal Joshi
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