डेढ़ महीने से बंद मंडी, करोड़ों का कारोबार प्रभावित

खरगोन मंडी होगी शुरू, बड़वाह और करही में गुरुवार से शुरू हुई खरीदी

By: harinath dwivedi

Published: 28 May 2021, 11:35 AM IST

खरगोन. कोरोना ने कारोबार पर तगड़ा ग्रहण लगाया। बाजार बंद रहे, व्यापारियों को घाटा हुआ। मंडियां बंद हुई तो किसान दिक्कतों में आए। जिले में करीब डेढ़ माह से मंडियों में लेन-देन बंद है। जबकि अप्रैल-मई में समर्थन मूल्य पर गेहंू खरीदी, मक्का और सीजन के आखिरी वाले कपास की खरीदी भी होती है, जो इस बार नहीं के बराबर हुई। गेहंू व मक्का व्यापारियों ने सौदा पत्रक पर खरीदे लेकिन यह आवक के हिसाब से बेहद कम है।
खरीफ सीजन के बीच मंडियों के बंद होने से किसानों की कमर टूट सी गई है। नकद फसलें नहीं बेच पाए हैं। इसका असर बोवनी पर देखा जा रहा है।
अब राहत की बात यह है कि मुख्यालय पर 31 मई सोमवार से मंडी शुरू होगी। जबकि जिले में करही और बड़वाह मंडी में गुरुवार से खरीदारी शुरू की गई है।
कृषि उपज मंडी से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में मंडी में समर्थन मूल्य पर गेहंू की खरीदी 2.05 लाख क्विंटल के आसपास हुई थी। यानी गेहंू की खरीदी से ही 38.95 करोड़ के असपास का कारोबार हुआ। इसी तरह बीते वर्ष किसानों ने मंडियों में 65 हजार क्विंटल मक्का बेचा। औसत भाव 1300 रुपए थे, इसमें 8.45 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। मई के अंत में खरीफ सीजन के कपास की आवक भी होती है। 2020 में मंडियों तक 80 हजार क्विंटल कपास लेकर किसान पहुंचे। औसत भाव 5400 रुपए मिला था। इससे 43.20 करोड़ का कारोबार हुआ था।
किसान जीतू यादव, महेंद्र चौहान, राजाराम सुतार आदि ने बताया कि गेहंू के दाम समर्थन मूल्य पर 1900 रुपए मिलते हैं। जबकि समर्थन मूल्य से बाहर मंडी नीलामी में उपज के दाम 1800 तक तो मिल ही जाते हैं। इस बार उपज मंडी तक ले ही नहीं गए। मजबूरी में 1600 से 1700 रुपए क्विंटल के भाव में गेहंू घर से बेचने पड़े। इतनी आदमनी से खर्च की राशि भी नहीं निकलती।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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