मंडलेश्वर से जाम गेट तक का सर्पिलाकार मार्ग

मंडलेश्वर से जाम गेट तक का सर्पिलाकार मार्ग
जामघाट की प्राकृतिक सुंदरता के बीच सर्पिलाकार रास्ता लोगों के लिए बना आकर्षण।

rohit bhawsar | Updated: 26 Jul 2019, 11:42:05 AM (IST) Khargone, Khargone, Madhya Pradesh, India

महू-मंडलेश्वर मार्ग सर्पिलें रास्तों पर अंधे मोड़ में घात लगाए बैठे रहते हैं लुटेरे ज्यादा चहलकदमी न होना भी घटनाओं का प्रमुख कारण



खरगोन 2018 में बन कर तैयार हुआ महू-मंडलेश्वर मार्ग। पहाड़ों के बीच सर्पिली सड़क ने इसे एडवेंचर टूर का नाम दिया। लेकिन इन डेढ़ी-मेड़ी सड़कें ही लुटेरों का ठिकाना बन गई है। यहां घात लगाकर बैठे बदमाश वाहनों पर हमला करने की फिराक में ही रहते हैं। दो सालों में कई ऐसी घटनाएं हुई। मंगलवार रात को भी इसी तरह की लूट का प्रयास हुआ।
वह पाइंट जो हमारे लिए नायाब, लेकिन लुटेरों के लिए खास ठिकाना
1.
मंडलेश्वर से जाम गेट तक का सर्पिलाकार मार्ग
्रमंडलेश्वर-महू मार्ग पर ग्राम बागदरा से जाम गेट तक मार्ग सर्पिलाकार है। इसमें करीबन 6-7 किलोमीटर का घाट सेक्शन है। अब घाट सेक्शन में 30 से 45 डिग्री का स्लोप और इतनी ही डिग्र्री वाले अंधे मोड़ किसी भी बड़े वाहन के आवागमन में बाधक है।
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आवागमन के लिए सार्वजनिक साधन उपलब्ध नहीं होना
इस मार्ग पर यात्री बसें या अन्य यातायात वाहन नहीं चलते। ऐसी परिस्थिति में यहां पब्लिक ट्रासपोर्ट भी नहीं है। रास्ता सुनसान व खाली है। इस मार्ग से निकलने वाले यात्री अपने निजी वाहनों से जाते हैं। ऐसे में घटनाओं का अंदेशा बढ़ जाता है।
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पहाड़ों पर होता भूस्खनल बड़ा खतरा
जब महू मंडलेश्वर मार्ग बन रहा था तब मार्ग बनाने के लिए पहाड़ों को काटा गया। उस कटाई के बाद से अब तक पहाड़ी से पत्थरों का गिरना जारी है। यहां भुस्खलन जैसे हालात है। इसके चक्कर में भी वाहन धीमे चलते हैं और इसका फायदा असामाजिक तत्व उठाते हैं।
मार्ग पर सुरक्षा के नाम पर एक चौकी, जो नाकाफी
ग्राम बागदरा निवासी व होटल संचालक नरेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया इस मार्ग पर बाल हनुमान मंदिर के पास एक पुलिस चौकी बनी है। तैनात जवान यहां निगरानी करते हैं। लेकिन क्षेत्र बड़ा होने से यह बंदोबस्त नाकाफी है। इसी का नतीजा है कि बीते एक वर्ष में यहां लूट के प्रयास जैसी सात घटनाएं हो चुकी हैं। परेशानी यह भी है इस क्षेत्र में मोबाइल सिग्नल भी नहीं मिलते। विपरित परिस्थितियों में कनेक्टिविटी नहीं होती।
ेजेल वाहन से होती है गश्त
मंडलेश्वर टीआई सौरभ बाथम ने बताया थाने के पास सुलभ वाहन नहीं है। जाम घाट पर रात्रि गश्त के लिए जेल वाहन का उपयोग कर रहे हैं। घटनाओं को देखते हुए गश्त बढ़ाएंगे।
फोटो केजी २६२९ मंडलेश्वर. जाम घाट का वह घटनास्थल जहां मंगलवार रात को हुई वारदात।
फोटो केजी २६३० मंडलेश्वर. जामघाट की प्राकृतिक सुंदरता के बीच सर्पिलाकार रास्ता लोगों के लिए बना आकर्षण।

 

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