सर्दी जुकाम के मरीज को डॉक्टर ने बताया दिल का मरीज

hemant jat

Publish: Jan, 14 2018 12:04:08 PM (IST)

Khargone, Madhya Pradesh, India
सर्दी जुकाम के मरीज को डॉक्टर ने बताया दिल का मरीज

- इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी तबीयत
- मुंह से निकले फेस, बेहोश हुआ तो डॉक्टर ने बोला इन्हें हार्ट अटैक हुआ है


खरगोन.
जिले के ऊन बुजुर्ग ग्राम के एक व्यक्ति को अयोग्य डॉक्टर से इलाज कराना महंगा पड़ गया। इस डॉक्टर ने सर्दी जुकाम के इस मरीज को दो इंजेक्शन लगाए और उसके बाद मरीज की हालत इस कदर बिगड़ी की उसे जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है। मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और डॉक्टरों ने भी उसे खतरे की जद में बताया है। इसके बाद मरीज के बेटे ने इंजेक्शन लगाने वाले डॉक्टर को झोलाझाप डॉक्टर बता कर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामला ऊन बुजुर्ग निवासी ४५ वर्षीय ओमप्रकाश सोने का है। उनके बेटे मोहित के मुताबिक ओमप्रकाश को सर्दी जुकाम की शिकायत थी। ऐसे में वह शनिवार को करीब साढ़े 11 बजे इलाज कराने ग्राम में ही मौजूद एक डॉक्टर सुमंतीलाल मधुकर के क्लीनिक पर गए। मोहित ने बताया कि डॉ. मधुकर को सर्दी जुकाम की शिकायत बताई, तो उन्होंने पिता ओमप्रकाश को दो इंजेक्शन लगाए। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।
मुंह से निकले झाग, हो गए बेहोश
मोहित ने बताया कि दो इंजेक्शन लगाने के बाद उसके पिता की हालत बिगडऩे लगी। घबराहट हुई और अचानक उनके मुंह से झाग निकलने लगे। फिर उन्हें दिखाई देना भी बंद हो गया। दो से तीन मिनट के बाद ही वह बेहोश हो गए। इस पर डॉ. मधुकर ने कहा कि इन्हें हार्ट अटैक आया है तुरंत इन्हें खरगोन ले जाओ। मोहित का कहना है कि डॉ. ने बार-बार खरगोन के एक निजी अस्पताल में ले जाने के कहा। वे ओमप्रकाश को लेकर खरगोन उस निजी अस्पताल पहुंचे लेकिन यहां कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। इधर, ओमप्रकाश की स्थिति और बिगड़ती जा रही थी। ऐसे में परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। मोहित के मुताबिक यहां डॉक्टरों ने इलाज तो शुरू कर दिया, लेकिन स्थिति अभी भी खतरे में बताई है। हालांकि वे होश में तो आ गए हैं, लेकिन अभी बोल नहीं पा रहे हैं।
कार्रवाई की मांग
मोहित ने डॉ. मधुकर पर आरोप लगाया है कि वह अयोग्य डॉक्टर हैं और उनके पास कोई योग्य डिग्री नहीं है। उनके इलाज से उसके पिता की जान पर बन आई है, ग्रामीण क्षेत्र के कई लोग उनके पास इलाज कराने आते हैं, यदि ऐसे डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं की गई तो कई लोगों की जान जाने का खतरा है। मोहित ने कहा कि उसके पिता केा इस स्थिति में पहुंचाने वाले डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। गौरतलब है कि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए राज्य सरकार के निर्देश हैं। लेकिन जिले में अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ नहीं की गई है।
दो इंजेक्शन लगाए थे
ओमप्रकाश सर्दी जुकाम का इलाज कराने आया था। उसे एंटीबायोटिक (जेंटामाइसिन) के दो इंजेक्शन लगाए थे। यह अमूमन सभी सर्दी जुकाम के मरीजों को ही लगाए जाते हैं। बुखार होने के कारण शायद उनकी तबीयत बिगड़ी हैं। मैंने बीएएमएस किया है, मैं योग्य डॉक्टर हूं, आरोप गलत हैं। मेडिकल जांच में तबीयत बिगडऩे की बात सामने आ जाएगी।
- डॉ. सुमंतीलाल मधुकर, निजी चिकित्सक

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