यहां दांत देखकर पता करते हैं बैलों की उम्र, पतली पूछ का बैल है तो उसकी रफ्तार घोड़े से ज्यादा

नवग्रह पशु मेला...
बैलों की रफ्तार जांचने छकड़े दौड़ाए, उम्र पता करने दांत गिने फिर हुआ मोलभाव, पशु मेले के चौथे हाट बाजार में १५०० से ज्यादा आई बैलजोडिय़ां, दिनभर चली सौदेबाजी

खरगोन.
निमाड़ का नवग्रह मेला पशु बाजार के नाम से मप्र में विख्यात है। गुरुवार को यहां मेले का चौथा हाट बाजार लगा। करीब १५०० बैलजोडिय़ां मेले में बिकने के लिए आई। सुबह से देर शाम तक बेहतर नस्ल की जोड़ी के मोल भाव हुए। बैलों की रफ्तार जांचने के लिए खरीदारों ने उन्हें छकड़ों में जोता और खूब दौड़ाया। उम्र की पड़ताल के लिए बैलों के दांत गिने। जिस बैल के दांत ज्यादा घिस गए थे या गिर गए थे, उन पर रुझान कम रहा। पैरों की मजबूती के लिए खूरों को परखा। गुरुवार को सबसे ऊंची १.५० लाख की बैल जोड़ी सोनतलाव के किसान रामेश्वर के बिकी। बोरगांव के किसान शोभाराम ने लाल रंगों के यह बैल खरीदे।
व्यापारी जलगांव के असफाक, कोंडापुरा के वजीर ने बताया इस मेले में अभी सबसे ज्यादा निमाड़ी नस्ल के देसी बैलजोड़ी ही ज्यादादर आ रही है। किसान बैल खरीदने से पहले उसकी शारीरिक बनावट को देखता है। नवग्रह मेले में फिलहाल ऐसे बैलों पर ज्यादा रुझान है जिनकी टांगें बड़ी, सींग छोटे गोल, रंग लाल से लेकर चितकबरा हो। गले की कंबली खूब नीचे बढ़ी हुई हो। पूछ पतली हो। नेवल थैली कम झुकी हो। इस नस्ल के बैल दौड़ में तेज और वजन खिंचने में मजबूत होते हैं।

इशारा मिलते ही दौड़ पड़े बैल
रामेश्वर की बैलजोड़ी शोभाराम को पसंद आई तो उन्होंने बैलों को छकड़े में जोता। इशारा मिलते ही बैलों ने दामखेड़ा की ओर दौड़ लगा दी। पांच मिनट में लौटकर आए शोभाराम ने तत्काल उनका सौदा कर दिया।

25 हजार की बिकी गाय
मेला बाजार में साहीवाल नस्ल की गाय लेकर भगवानपुरा क्षेत्र के छतरसिंह वास्कले भी पहुंचे। उन्होंने कहा- इस गाय की उम्र अभी ३ साल है। लेकिन खान-पान की वजह से इस गाय का शरीर भारी-भरकम हो गया। अगले 10-15 दिनों में इसे प्रसव होगा। इस गाय को श्रीखंडी के किसान संतोश जायसवाल ने २५ हजार रुपए में खरीदी। संतोष ने बताया गाय का दूध पोष्टिक होता है। इसलिए यह खरीदी है।

Gopal Joshi
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