Protest - मैटरनिटी में प्रसव के दौरान नवजात की मौत, परिजन और समाजजन धरने पर बैठे

लापरवाह स्टॉफ की बर्खाश्तगी की मांग

By: tarunendra chauhan

Published: 25 Oct 2020, 05:19 PM IST

खरगोन. दो दिन पूर्व ग्राम घोट्या की गर्भवती महिला पूजा पति सावन पाटीदार के प्रसव के दौरान हुई नवजात की मौत का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा। महिला के परिजन मौत के लिए स्टॉफ पर लापरवाही के आरोप मढ़ रहा है। परिजनों का साथ देते हुए शनिवार को समाजजन भी आगे आए और पूरी घटना पर जमकर आक्रोश दिखाया। जिला अस्पताल परिसर में सुबह 11 बजे धरना शुरू किया और इस मांग पर अड़े रहे कि मामले में लिप्त स्टॉफ पर स त कार्रवाई की जाए। सीएमएचओ ने न्यायसंगत कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले ने शनिवार को उग्र रूप ले लिया और गुस्साए परिजनों के साथ ही पाटीदार समाजजन मेटरनिटी पहुंचे। अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर धरना देकर चिकित्सकों को निलंबन करने की मांग को लेकर मौन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र जोशी एवं पुलिसकर्मियों ने समझाइश के प्रयास किए, लेकिन सब नाकाम रहा। समाजजनों ने जिम्मेदार अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। धरना देर शाम तक चला।

लापरवाही बंद नहीं हुई तो होती रहेंगी घटनाएं
धरने के दौरान पाटीदार समाज के नत्थु पाटीदार, नटवर पाटीदार, गोरू पाटीदार आदि ने कहा यह आज एक पीडि़त की बात नहीं है। यदि समय रहते लापरवाही पर रोक नहीं लगे तो आगे और किसी के साथ ऐसी घटना घटित हो सकती है। महेश पाटीदार ने सीएमएचओ से कहा आप सख्त एक्शन लें, जिससे प्रदेश में संदेश जाए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रातभर दर्द से कराहती रही गर्भवती महिला
पीडि़त सावन पाटीदार ने सीएमएचओ को बताया उन्होंने पत्नी पूजा का 9 माह के दौरान डॉ. महेंद्र बड़ोले से समय-समय पर उपचार कराया था। प्रसव पीड़ा के बाद उन्होंने ही 21 अक्टूबर की रात 9 बजे भर्ती कराने की सलाह भी दी। इसके बाद भर्ती कराने पर कोई चिकित्सक देखने नहीं आया, पूजा दर्द से कराहती रही। उन्होंने मौजूद स्टॉफ से गुहार लगाई कि किसी भी चिकित्सक को बुलाकर सीजर से प्रसव करा दो लेकिन सुनवाई नहीं हुई। डॉ. बड़ोले को भी फोन लगाया उन्होंने कहा कि मेरी ड्यूटी नहीं है मैं नहीं आऊंगा।

दयालपुरा पीपरी के रविंद्र केवट ने सीएमएचओ को बताया उनकी पत्नी प्रियंका को 21 अक्टूबर को प्रसव के लिए भर्ती कराया था, यहां 22 को ऑपरेशन से बालक का जन्म हुआ। जन्म के दौरान उन्हें बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ है, लेकिन 3 घंटे बाद कह दिया कि बच्चे की सांस नहीं चल रही है, वह अब नहीं रहा। रविंद्र ने आरोप लगाया कि आईसीयू में गलत उपचार से उनके बच्चे की जान गई। इसी तरह कोटबेडा के रामू ने कहा कि उनकी पत्नी सुनीता को 21 अक्टूबर से प्रसव के लिए भर्ती कराया था। शनिवार को तीसरा दिन है। इसके बाद भी उसका न तो उपचार कराया जा रहा है, न ही उसे प्रसव हुआ।

लापरवाही की शिकायत पर सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी है। अभिमत में प्रस्तावित दोषियों पर जांच के बाद एक्शन लिया जाएगा।
डॉ, रजनी डावर, सीएमएचओ खरगोन

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