सिरफिरे आशिक ने छात्रा को दिनदहाड़े हत्या, छह साल बाद कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

13 अक्टूबर 2014 की घटना, कसरावद पुलिस ने दर्ज किया था केस, मंडलेश्वर कोर्ट में बुधवार को आया फैसला, कारावास के साथ डेढ़ लाख जुर्माना भी लगाया

खरगोन.
एक तरफा प्रेम में पागल एक सिरफिरे युवक ने कोचिंग से लौट रही छात्रा को दिनदहाड़े गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। उक्त सनसनीखेज घटना कसरावद में हुई थी। कोर्ट ने आरोपी को आसिफ उर्फ सोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लगभग छह साल तक पीडि़त परिवार को इस दिन का इंतजार कर रहा था। बुधवार को परिवार को न्याय मिला।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अमरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कसरावद में 13 अक्टूबर 2014 को आरोपी ने कोचिंग से घर लौट रही छात्र को गोली मारकर ले ली थी। आरोपी छात्रा से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती का भाई तैयार नहीं था। इसके चलते आरोपी युवक ने यह कृत्य किया। बुधवार को उक्त मामले में मंडलेश्वर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। उक्त प्रकरण को चिन्हित जघन्य सनसनीखेज हत्या में लिया गया था।

मृतका के भाई से दोस्ती कर घर आने-जाने लगा
आरोपी आसिफ उर्फ सोनू निवासी कसरावद की दीशा (परिवर्तित नाम) के भाई से दोस्ती थी। आरोपी का दीशा के घर आना-जाना था। आरोपी आसिफ ने दीखा के भाई से बोला कि उससे शादी करना चाहता है। इससे नाराज दीशा के भाई ने आसिफ का अपने घर आना-जाना बंद कर दिया। आसिफ उसे धमकी दी कि अगर दीशा की उससे शादी नहीं की तो वह उसे गोली मार देगा। इसके बाद 13 अक्टूबर 2014 को उसने धमकी को हकीकत में तब्दील कर दिया।

कोचिंग से जा रही छात्रा को सिर में गोली मारी थी
दीशा जब अपने घर से कोचिंग जा रही थी उसी समय आरोपी आसिफ उर्फ सोनू दोस्त अकील उर्फ गुडड् के साथ मस्जिद के पास खड़ा था। छात्रा को को अकेला आता देखकर आसिफ ने देशी कट्टा निकाल कर उस पर तान दिया। यह देख छात्रा घबराई। जान बचाने के लिए वहां से भागने लगी। तभी आसिफ ने दीशा के सिर पर गोली मार दी। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

छह साल बाद आया फैसला
कसरावद पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान के बाद अभियोग पत्र मंडलेश्वर न्यायालय में पेश किया। प्रकरण में अभियोजन का संचालन विशेष लोक अभियोजक प्रदीपसिंह अलावा ने किया। यहां विशेष न्यायाधीश आरती शर्मा ने आसिफ उर्फ सोनू को हत्या का दोषी बताते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उधर, मृतका की मां ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि हम न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हैं। आज बेटी तो हमारे बीच नहीं है। मगर उसके हत्यारे को कोर्ट ने आजन्म कारावास की सजा दी। इससे उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। परिवार ने कोर्ट के समक्ष आरोपी को फांसी अथवा आजीवन कारावास की सजा देने की बात रखी थी।

हेमंत जाट Bureau Incharge
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