आज से शुरू होगा शतचंडी महायज्ञ, धोती पहनकर आने वालों को मिलेगा अंदर प्रवेश

शतचंडी महायज्ञ के पहले बाकीमाता मंदिर शिखरों पर स्थापित होंगे छह कलश, देह प्रायश्चित के बाद निकली शोभायात्रा

By: rohit bhawsar

Updated: 03 Dec 2019, 08:26 PM IST

खरगोन. सराफा स्थित बाकीमाता मंदिर में होने वाले शतचंडी महायज्ञ के पहले पीतल के छह शिखर कलश स्थापित किए जाएंगे। लगभग 300 साल पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार बीते वर्ष किया गया। इसके तहत रविवार से वास्तु शांति एवं शतचंडी महायज्ञ की शुरूआत होगी। पूर्णाहुति 7 दिसंबर को होगी।
शनिवार को पंडित निशांत परसाई, वैभव भट्ट, प्रशांत वोरे, दीपक नाईक, राहुल खोड़े ने मुख्य यजमान अनिल उपाध्याय, शिवम उपाध्याय, आदित्य उपाध्याय सहित अन्य यजमान परिजनों का देह प्रायश्चित कराते हुए, मंदिर के झीरे पर जल पूजन कराया। इसके बाद कलश यात्रा निकाली। इसमें छोटी छोटी बालिकाएं कलश शिरोधार्य कर आगे चल रही थी। शोभायात्रा में जम्बू ब्राह्मण समाज के सदस्यों के साथ अन्य समाजजन शामिल हुए। देवस्थान समिति के दीपक घोड़े ने बताया मंदिर पर धातु कलश स्थापित करने का मनोरथ सराफा व्यवसाई गोपाल कृष्ण गुप्ता ने पुरा किया।
आज होगा अग्निस्थापन
शतचंडी महायज्ञ की शुरूआत रविवार को पंचकर्म, अग्निस्थापन, पीठस्थापन एवं पाठ आरंभ से होगी। पुजारी रामेश्वर भट्ट ने बताया मदिर में आयोजित इस महायज्ञ का उद्ेश्य सभी के लिए सुख शांति एवं समृद्धि है। यज्ञ के दौरान मंदिर में प्रवेश के लिए पवित्रता जरूरी है। धोती पहनने वालों को ही प्रवेश रहेगा। अन्य दर्शनार्थी मंदिर के बाहर से ही दर्शन लाभ लेंगे।

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