पांच दिन बाद नहर से मिले युवक के शव का खुला राज, महज 20 हजार रुपए के लिए गंवाई पड़ी जान...

अंधे कत्ल की सुलझी गुल्थी
कर्जदार की पत्नी से बनाना चाहता था अवैध संबंध, गुस्साए पति ने पिता, पत्नी के साथ मिलकर युवक को मौत के घाट उतारा
-पुलिस ने पांच दिन में सुलझाई नहर में मिले लापता युवक के शव की गुत्थी, लाश ठिकाने लगाने की नियत से नहर में फेंका था शव
-मेहरजा के चिमन योगी ने रितेश पिता भगवान उर्फ मोगली से लिए थे 1.20 लाख रुपए उधार, एक लाख लौटाए, 20 हजार रुपए के लिए रितेश लगा रहा था तकादा

By: Gopal Joshi

Published: 10 Feb 2021, 08:03 PM IST

खरगोन.
शहर के गडरिया मोहल्ला निवासी रितेश भगवान पाल उर्फ मोगली की हत्या कर उसका शव नहर में फेंकने की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह अंधा कत्ल महज २० हजार रुपए की उधारी व इसके एवज में आरोपी की पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाने की डिमांड के चलते किया गया। बुधवार शाम ५ बजे पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी शैलेंद्रसिंह ने मामले का खुलासा किया। पूरे घटनाक्रम में आरोपी पति, उसके पिता व पत्नी को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक रितेश पांच जनवरी को घर से लापता हुआ। खरगोन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। अगले ही दिन छह जनवरी को रितेश की बाइक जिला मुख्यालय से करीब २० किमी दूर बामखल-रायपुरा के नजदीक इंदिरा सागर नहर के पास मिली। यहां खून के निशान भी मिले। घटना के चौथे दिन ९ जनवरी को रितेश का शव घटना स्थल से करीब ५० किमी दूर नायदड़ सुरंग के पास मिला। रितेश की हत्या मेहरजा निवासी चिमन, उसके पिता गोरखनाथ गंगाराम योगी व पत्नी ने पत्थरों से सिर कुचलकर की और शव नहर में फेंका था। मामले में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने अपराध भी कबूला है।

खुलासा : उधारी के रुपए मांगने के लिए लगा रहा था तकादा
एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया पूछताछ में आरोपी चिमन ने बताया कि रितेश उधारी के 20 हजार रुपए के लिए बार-बार तकादा लगा रहा था। धमकी भी दी। एक दिन उसके घर पहुंचकर बेटी और बच्ची के साथ अभद्रता की। रुपए नहीं चुकाने पर रितेश ने चिमन से उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाने की डिमांड रखी। गुस्साए चिमन ने इसकी जानकारी पिता गोरखनाथ को दी। इसके बाद चिमन ने अपने पिता गोरखनाथ और पत्नी के साथ मिलकर रितेश की हत्या का षडयंत्र रचा। पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक रितेश ब्याज पर रुपए लेन.देन का काम करता था जो उसकी मौत का कारण बन गया। हालांकि रितेश द्वारा महिला के साथ अवैध संबंध बनाने की बात समाज सहित परिजन के गले नहीं उतर रही।

रुपए लौटाने की लालच देकर बुलाया था घटनास्थल
पुलिस के मुताबिक 5 फरवरी को चिमन ने रितेश को रुपए लौटाने के बहाने कोंडापुरा नहर के पास बुलाया था। यहां चिमन ने पिता और पत्नी के साथ मिलकर रितेश पर पत्थर से सिर कुचलकर पहचान मिटाने की कोशिश में हमला किया। मौत के बाद शव ठिकाने लगाने की नियत से नहर में फेंक दिया। वह बाइक भी फेंकना चाहते थे लेकिन बाइक नहर किनारे स्थित पाइप में अटक गई।

5 दिन तक नहर में चलती रही सर्चिंग
5 फरवरी को रितेश की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। तलाश के दौरान रितेश की बाइक कोंडापुरा के पास नहर किनारे मिली और वहां खून से सना पत्थर व खून के छिंटे भी मिले। घटनास्थल का नजारा देख प्रथम दृष्टया रितेश के साथ अनहोनी की आशंका में नहर में सर्चिंग शुरु की। करीब 5वें दिन रितेश का शव बोराड़ नदी के पास इंदिरा सागर परियोजना की नहर टनल गेट आनंदबेडी से बरामद हुआ।

पत्रिका ने पहले ही जताई थी हत्या की आशंका
नहर पर मिली बाइक व खून के निशान ने पुलिस को हरकत में डाला। पत्रिका ने पूरे मामले को गंभीरता से मिला और शुरुआत में ही हत्या की आशंका जताई। आखिरकर वहीं मामला सामने आया।

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