सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में गूंजेंगी धर्म की स्वरलहरियां, होगी शिव आराधना

सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में गूंजेंगी धर्म की स्वरलहरियां, होगी शिव आराधना
प्राकृतिक गुफाओं में विराजित है नन्हेश्वर महादेव।

Gopal Joshi | Updated: 11 Jul 2019, 12:07:30 PM (IST) Khargone, Khargone, Madhya Pradesh, India

वनांचल के नन्हेश्वर धाम, सिरवेल महादेव, बीजागढ़ महादेव पर श्रावण को लेकर तैयारियां शुरू

खरगोन भगवानपुरा.
सतपुड़ा की तलहटी जितनी वादियों के लिए मशहुर है उतना ही यहां का धार्मिक महत्व भी है। सावन माह में तो यहां की पुरवाई में भी धर्म की स्वरलहरियां गंूजती है। समूचा वनांचल धर्म और भक्ति से ओत-प्रोत रहता है। क्षेत्र के पहाड़ी क्षेत्रों में विराजित निमाड़ के प्रसिद्ध सिवरेल महादेव, बीजागढ़ महादेव व नन्हेश्वर धाम में इस बार भी सावन माह में आस्था उमड़ेगी।
सावन माह की शुुुरुआत १६ जुलाई से होगी। लेकिन इसे लेकर तैयारियां अभी से शुरू हो गई है। वनांचल क्षेत्र में श्रावण माह में शिवालय सजेंगे। भक्त श्रद्धाभाव से शिव की आराधना करेंगे। क्षेत्र में अखंड रामायण पाठ गंूजेगा। क्षेत्र के नन्हेश्वर धाम, सिरवेल महादेव व बीजागढ़ महादेव दर्शन के लिए हजारों भक्त जाएंगे। आस्था से शीष झुकाएंगे।

कहां का क्या है महत्व
1.
स्थान : नन्हेंश्वर धाम
कहां है : भगवानपुरा से 3 किलोमीटर दूर सतपुड़ा की तलहटी में।
यह खास: नन्हेश्वर धाम महर्षि मार्केंडेय की तपोभूमि है। यहां पवित्र शिवलिंग श्री हाटकेश्वर महादेव की है, जो बारह महीने पानी में रहती है। हरिओम बाबाजी के सान्निध्य तैयारियां शुरू हो गई है। श्रावण महीने में यहां कावडि़ए जल चढ़ाने के लिए आते हैं।

2.
स्थान : महाकालेश्वर महादेव
कहां है : भगवानपुरा से १५ किमी दूर मोहना में।
यह खास: यहां प्राचीन शिवलिंग है। खारक नदी के किनारें पर यह मंदिर स्थापित है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। सावन माह में विशेष पूजा-अर्चना होती है।

3.
स्थान : सिरवेल महादेव
कहां है : भगवानपुरा से ३८ किमी दूर स्थित
यह खास: सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बसा है सिरवेल महादेव। यहां प्राकृतिक गुफा में भगवान भोलेनाथ है। ठीक पास में खूबसूरत झरना है। यहां दर्शन के लिए महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु आते है।

4.
स्थान : बिजागढ़ महादेव
कहां है : ४५ महाराष्ट और मप्र सीमा पर है।
क्या है महत्व : यहां प्राकृतिक सौदर्य की अनुपम छटा बिखरती है। बिजागढ़ महादेव के दर्शन के लिए महाराष्ट्र, गुजरात, मप्र के कई शहरों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह क्षेत्र में आस्था का बड़ा केंद्र है।

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