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अफसरों की यह जल्दबाजी उलझा न दें व्यापारियों को, होगा लाखों का नुकसान

-मेला संचालन पर दो धड़ों में बंटा है शहर, उधर, नपा ने जारी कर दिए टेंडर, यह देखकर बाहर के व्यापारी सामान लेकर खरगोन पहुंचे

खरगोन

Published: February 26, 2022 07:16:39 pm

खरगोन.
मप्र का प्रमुख नवग्रह मेला लगेगा या नहीं इस पर अभी प्रश्न चिन्ह है। क्योंकि यहां शहरवासी इसे लेकर दो धड़ोंं में बंटे हैं। एक पक्ष संचालन कराने के मुड़ में है जबकि दूसरा पक्ष मेला न लगे इस मांग पर अड़ा है। इस अनिर्णय वाली स्थिति के बीच नगरपालिका ने मेला संचालन के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। यह खबर मप्र में तेजी से फैली और अन्य शहरों से मेले में दुकान लगाने के लिए व्यापारी भी पहुंचे। खासकर झूला संचालक लाखों रुपए का भाड़ा देकर यहां आए हैं। अब यदि मेला नहीं लगता है तो उन व्यापारियों को भारी नुकसान हो सकता है। नपा की जल्दबाजी व्यापारियों पर भारी पड़ सकती है।
मेला लगेगा या नहीं इस पर अभी कोई निर्णय नहीं हआ है और इस बीच नगरपालिका ने ताबड़तोड़ टेंट, बिजली व सीसीटीवी कैमरा लगाने के टेंडर जारी कर दिए हैं। अधूरे निर्णय के बीच नपा की यह जल्दबाजी बाहर के व्यापारियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। टेंडर की खबर सूनकर लोडिंग वाहनों से मेला ग्राउंड पर पर झूला सामग्री पहुंचने लगी है। जो व्यापारी सामान लेकर आए हैं अब वे इस गफलत में है मेला लगेगा या नहीं। संचालकों ने कहा- मेला नहीं लगता है तो बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
The city is divided into two factions on the operation of the fair
खरगोन. मेला ग्राउंड पर पहुंचने लगा है सामान।
12 ट्रक में भरकर लाए झूले का सामान
मेला ग्राउंड पर १२ ट्रक भाड़े से कर ८ झूलों का सामान लेकर पहुुंचे शिब्बू भाई ने बताया उनके काम से ४० परिवार जुड़े हैं। १५ से २० सदस्य यहां पहुंच गए हैं। मेला लगेगा या नहीं इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। लेकिन हम आस में आए हैं। अब यदि मेला नहीं लगता है तो दो से ढाई लाख का वाहन भाड़ा जेब से भरना पड़ेगा। संचालकों ने यह भी कहा कि नवग्रह मेला एक माह का होता है। यहां से आमदनी अच्छी होती है। इसके चक्कर में इंदौर, उज्जैन व सेंधवा में लगने वाली तीन-चार दिनी शिवरात्रि मेलों को छोड़कर यहां आए हैं।
फ्लैशबैक : अब तक बैठकों में सिमटी चर्चा, निर्णय शेष
मेला संचालन को लेकर सबसे पहली बैठक जनवरी में हुई। इसी माह कोरोना को लेकर प्रतिबंध लगे। मेला संचालन का निर्णय टल गया। फरवरी में संक्रमण की र$फ्तार कम हुई तो फिर बैठक हुई और २१ फरवरी से २५ मार्च तक मेला लगाने की बात हुई। इस बीच एक संगठन ने बोर्ड परीक्षा, कोरोना महामारी और गर्मी के माहौल को देखते हुए मेला संचालन न करने की मांग की। इसके बाद प्रशासन यह तय नहीं कर पाया है कि मेला लगेगा या नहीं। इस बीच नगरपालिका ने संचालन संबंधी टेंडर प्रकाशित करा दिए। इसके चक्कर में व्यापारी सामान लेकर मेला ग्राउंड पहुंचने लगे हैं।
सबका अभिमत जानेंगे
-नवग्रह मेला संचालन को देकर दो पक्ष सामने आए है। सब की बात सुनी जा रही है। टेंडर प्रक्रिया पूर्व तैयारियों को लेकर की गई है। सभी की राय लेने के बाद ही अंतिम निर्णय होगा। -अनुग्रहा पी. कलेक्टर खरगोन


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