जिन पौधों के नाम पर लूटी वाहवाही, वह पौधे पनपे ही नहीं

सरकारी राशि का दुरुपयोग करने वाले सरपंच-सचिवों से होगी वसूली

By: tarunendra chauhan

Published: 17 Nov 2020, 08:14 PM IST

खरगोन. 2 जुलाई 2017 में जिले को हराभरा करने के लिए एक ही दिन में रिकॉर्ड तोड़ पौधरोपण हुआ। प्रकृति को सहेजने का संकल्प लेकर यह पहल पंचायतों में की गई। पौधे रोपे, खूब वाहवाही भी लूटी गई, लेकिन जिस स्थान पर पौधे लगाए आज वहां की हकीमत बंजर जमीन बयां कर रही है। न पौधे हैं न जवाबदार कोई कारण स्पष्ट कर पाए हैं। ऐसी पंचायतों के चिन्हित कर जिला पंचायत सीईओ ने वहां के सरपंच व सचिवों को नोटिस देकर तलब किया।

जनपद पंचायत भगवानपुरा की 61 पंचायतों के 183 सरपंच सचिवों से पौधे जीवित न रहने का प्रमाण मांगा है। सात दिनों की पीरियड में जवाबदारों ने अपना पक्ष रखा है। अब उनका क्रॉस वैरिफिकेशन चल रहा है। सीईओ ने कहा- दोषियों पर कार्रवाई हर हाल में होगी। पौधरोपण के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ है तो उसकी वसूलेगी करेंगे।

जिला पंचायत की ओर से जवाबदार सरपंच-सचिवों को यह नोटिस बीते माह अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में जारी किए गए थे। इनका जवाब सात दिन में मांगा था। हालांकि सरपंच-सचिवों ने इस कार्रवाई पर एतराज जताया और कोर्ट की चौखट पर जाने की बात भी कही। अब जिला पंचायत सीईओ गौरव बैनल का कहना है- सीईओ कोर्ट की प्रक्रिया लंबी है। संबंधित सरपंच-सचिवों को सात दिन का समय देकर जवाब मांगा है।

साक्ष्य संतोषजनक मिले तो ठीक है नहीं तो फिर संबंधित सरपंच-सचिव से पौधरोपण की राशि रिकवर की जाएगी।

दलील : यहां की जलवायु में नहीं पनपे पौधे
पौधरोपण पर रिकवरी नोटिस मिलने के बाद सरपंच सचिवों ने अपनी ओर से दलील दी है। उनका कहना है कि 2017 में जो पौधरोपण हुआ था उसके लिए पौधे कर्नाटक व कोलकाता से आए थे। वहां की जलवायु और निमाड़ की आबो हवा में जमीन आसमान का अंतर है। वे पौधे यहां नहीं पनप पाए। सचिवों ने यहां तक कहा है कि इस मामले को लेकर वह हाईकोर्ट की शरण लेंगे।

दावा : जिले में 43 लाख पौधे लगाने की बात
पिछली भाजपा सरकार ने तीन साल पहले 2 जुलाई 2017 को प्रदेश में एक दिन छ करोड़ पौधे लगाने का दावा किया था। इसके बाद कांग्रेस की सरकार आई और उन्होंने पौधरोपण में घोटाला होने की आशंका के चलते यह फाइल खुलवाई। जिले में 43 लाख पौधे लगाने का दावा किया गया। यह पौधरोपण जिला पंचायत, वन विभाग ने कराया था।

दो से 20 लाख तक राशि जमा करने का फरमान
फिलहाल यह अल्टीमेटम भगवानपुरा जनपद की 61 पंचायतों को जारी किया गया है। यहां के 183 सरपंच, सचिवों सहित रोजगार सहायकों से राशि वसूली के नोटिस जारी किए हैं। प्रत्येक पंचायत में एक लाख से बीस लाख तक के वसूली नोटिस दिए गए हैं।

देवली के रहवासियों ने भी की थी शिकायत
गोगांवा जनपद की छह पंचायतों में पौधरोपण को लेकर देवली के लोगों ने लिखित शिकायतें की। ग्रामीणों का आरोप था कि यहां भी पौधरोपण के नाम पर लाखों रुपए का भ्रष्टाचार हुआ है। मामले की शिकायत सीएम, पीएम तक की गई, लेकिन इसमें भी प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई।

पौधरोपण मामले में जांच प्रक्रिया लंबी है। जिन पंचायतों में गड़बड़ी की शिकायतें मिल रही हैं वहां के सरपंच -सचिवों को नोटिस दिया है। वे अपना पक्ष सीईओ कोर्ट में रखेंगे। क्रॉस वैरिफिकेशन के बाद यदि सरकारी राशि का दुरुपयोग होना सामने आता है तो संबंधित से राशि वसूली की जाएगी।
गौरव बैनल, जिला पंचायत सीइओ, खरगोन

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