परिवार नियोजन में पुरुषों की दिलचस्पी कम, महिलाओं के केस ज्यादा

परिवार नियोजन में पुरुषों की दिलचस्पी कम, महिलाओं के केस ज्यादा
भ्रम के चलते पुरुष नहीं आ रहे आगे, तीन सालों में जिले का लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ

Gopal Joshi | Publish: Jul, 11 2019 11:42:08 AM (IST) | Updated: Jul, 11 2019 12:04:10 PM (IST) Khargone, Khargone, Madhya Pradesh, India

भ्रम के चलते पुरुष नहीं आ रहे आगे, तीन सालों में जिले का लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ

खरगोन.
जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रशासनिक स्तर पर लाख दावे किए जाए लेकिन जागरूकता की कमी के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा। परिवार नियोजन को मुख्य कड़ी बनाकर प्रशासन हर माह जिले में शिविर लगाता है, लेकिन भ्रम के चलते इन शिविरों में पुरुष महिलाओं से कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। तीन साल के आंकड़े बताते हैं कि नसबंदी को लेकर जागरूकता का स्तर कितना कमजोर है।


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की नसबंदी ज्यादा सुरक्षित है। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को प्रोत्साहन राशि भी ज्यादा दी जाती है, लेकिन फिर भी महिलाओं से कम पुरुष नसबंदी करवाते हैं। इसी कारण पुरुष नसबंदी करवाने के मामले में जिले की स्थिति बेहद खराब है। विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार परिवार नियोजन के लिए वर्ष 201५.1६ में जिले को १६००० नसबंदी का लक्ष्य मिला। लेकिन इसमें महज १२५ पुरुषों ने नसबंदी कराई जबकि महिलाओं की संख्या ११९६८ रही। वर्ष २०१६-१७ में भी आंकड़े चौकाने वाले आए। इस साल जिले को लक्ष्य १५ हजार का मिला। इसके एवज में १०२६७ महिलाओं ने नसबंदी ऑपरेशन कराए जबकि पुरुषों की संख्या इस साल ३९ रही। वर्ष २०१७-१८ में फिर लक्ष्य १५ हजार का मिला। अबकि बार भी महिलाएं पुरुषों से कई गुना ज्यादा आगे रही। महिलाओं की संख्या १०१९४ व पुरुषों की संख्या महज ५८ रही। वर्ष २०१९ में अब तक जिले में ८७३ नसबंदी हुई। इसमें महिलाओं की संख्या ८७० व महज ३ पुरुषों ने नसबंदी कराई है।

 

पुरुषों में यह भ्रम
दरअसल, पुरुषों में जागरूकता की कमी नसबंदी के ऑपरेशन में आड़े आ रही हैं। पुरुषों का मानना है कि अगर ऑपरेशन हो जाता है तो उन्हें कई माह तक बेड रेस्ट करना पड़ेगा। ऐसे में दहाड़ी मजदूरी पर भी इसका असर पड़ेगा। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि यह ऑपरेशन महिलाओं की तुलना पुरुषों में ज्यादा आसान है।


परिवार नियोजन
वर्ष कुल लक्ष्य महिला पुरुष
२०१५-१६ १५००० ११९६८ १२५ २०१६-१७ १५००० १०२६७ ३९
२०१७-१८ १६००० १०१९४ ५८
२०१९ अब तक १६००० ८७० ०३
(आंकड़े एएसओ से मिली जानकारी के अनुसार)

 

पुरुषों को समझनी चाहिए जवाबदारी
-परिवार नियोजन को लेकर विभाग स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रचार-प्रसार भी हो रहा है। लेकिन इसे लेकर पुरुषों में भ्रम है। जबकि यह ऑपरेशन पुरुषों के लिए ज्यादा सरल है। पुरुषों को अपनी जवाबदारी समझनी चाहिए, आगे आना चाहिए। -डॉ. रमेश नीमा, सीएमएचओ, खरगोन

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