लेबर रूम से बिना कपड़े बाहर नहीं आएगा बेबी

लेबर रूम से बिना कपड़े बाहर नहीं आएगा बेबी

Kali Charan kumar | Publish: May, 19 2019 08:39:33 PM (IST) Kishangarh, Ajmer, Rajasthan, India

अब नवजात को जननी सुरक्षा योजना के तहत दिए जाएंगे बेबी किट
नवजात को मिलेंगे स्वच्छ कपड़े, परिजनों को भी मिलेगी सुविधा
हिमांशु धवल
मदनगंज-किशनगढ़. राजकीय यज्ञ नारायण चिकित्सालय में प्रसव कराने वाली प्रसुताओं के नवजात बच्चों को अब नग्न अवस्था में लेबर रूम से बाहर नहीं लाया जाएगा। उन्हें लेबर रूम में ही बेबी किट के कपड़े पहना दिए जाएंगे। इससे बच्चे को स्वच्छ कपड़े मिलेंगे और संक्रमण आदि का खतरा भी कम होगा।

चिकित्सालय में प्रसव कराने वाली प्रसूताओं के परिजनों को प्रसव के बाद नवजात के लिए कपड़े की व्यवस्था करने के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। प्रसव पीड़ा होने पर परिजन गर्भवती महिलाओं को लेकर चिकित्सालय पहुंच जाते हैं, लेकिन इस दौरान वह जल्दबाजी में प्रसव के बाद नवजात के लिए बिछाने और पहनाने के कपड़े की व्यवस्था करना भूल जाते है। ऐसे में डिलेवरी के बाद चिकित्साकर्मियों की ओर से नवजात के लिए कपड़े मांगने पर दौड़ भाग करनी पड़ती। इस दौरान परिजन उन्हें आनन-फानन में पुराना कपड़ा उपलब्ध करा देते। कई बार कपड़े साफ तक नहीं होते। इससे नवजात में संक्रमण आदि का खतरा बना रहता था। इसे देखते हुए अब जननी सुरक्षा योजना के तहत नवजात के जन्म के साथ ही उसे बेबी किट उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें उसके लिए कपड़े, लंगोटी और नीचे बिछाने के लिए तौलिया नुमा कवर दिया जाएगा। इससे नवजात को भी स्वच्छ कपडे आदि उपलब्ध होंगे। इससे संक्रमण आदि का खतरा भी कम होगा। राजकीय यज्ञ नारायण चिकित्सालय में लेबर रूम इंचार्ज कीर्ति मेहता ने बताया कि प्रसव कराने वाली प्रसुताओं के नवजात को जननी सुरक्षा योजना के तहत बेबी किट देना प्रारंभ कर दिया है। इससे बच्चे को भी स्वच्छ कपड़े मिल सकेंगे और संक्रमण आदि का खतरा कम होगा।
फैक्ट फाइल
- 12 से 15 प्रसूताएं होती है भर्ती
- 3 से 4 के होती है सीजेरियन डिलेवरी
- 10-12 डिलवेरी होती है 24 घंटे में
आसमान प्रोजेक्ट से मिलेगा लाभ
राजकीय यज्ञ नारायण चिकित्सालय में भारत सरकार के आसमान प्रोजेक्ट के तहत गुरुवार को जनाना चिकित्सालय से जुड़कर रलावता निवासी प्रसूता मन्नादेवी की ऑनलाइन डिलेवरी कराई गई। इस प्रोजेक्ट से प्रसूताओं को समय पर उपचार की सुविधा मिलेगी। प्रसव पीड़ा के दौरान चिकित्सक के उपस्थित नहीं होने और आने में देरी होने की स्थिति में जनाना हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों से ऑनलाइन जुड़कर उपचार और परामर्श ले सकेंगे। इसके लिए एक टेबलेट और आवश्यक उपकरण उपलब्धकराए गए है। उसमें आवश्यक जानकारी और रिपोर्ट आदि भरनी होगी। इसे देखकर विशेषज्ञ चिकित्सक उसका उपचार करा सकेंगे। इससे ऑनलाइन डाटा भी तैयार किया जाएगा। इससे अलग-अलग तरह के रजिस्ट्रर आदि में इन्द्राज नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में करीब 20 से अधिक रजिस्टर है। जिसमें प्रतिदिन एंट्री करनी पड़ती है।
इनका कहना है...
चिकित्सालय प्रशासन ने वर्तमान में अपने स्तर पर बेबी किट खरीदे हैं। सरकारी स्तर पर अभी तक सप्लाई शुरू नहीं हुई है। जब तक वहां से सप्लाई नहीं आती है चिकित्सालय प्रशासन अपने स्तर पर खरीदकर इसे उपलब्धकरा रहा है।
- डॉ. अशोक जैन, कार्यवाहक प्रमुख चिकित्सा अधिकारी राजकीय यज्ञ नारायण चिकित्सालय किशनगढ़

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