पानी को ठंडा करो और कर दो सप्लाई

पानी को ठंडा करो और कर दो सप्लाई

Kali Charan kumar | Updated: 07 Jun 2019, 12:02:55 PM (IST) Kishangarh, Ajmer, Rajasthan, India

नगर में 40 से अधिक वाटर केन सप्लायर है संचालित
नियमित पानी की नहीं होती जांच, पानी का होता अपव्यय

मदनगंज-किशनगढ़. नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में पिछले दो-तीन सालों में वाटर केन सप्लाई का धंधा फल-फूल रहा है। वाटर केन सप्लाई करने वाले पानी को फिल्टर करने के स्थान पर सिर्फ उसे ठंडा करके ही सप्लाई कर रहे है। आरओ प्लांट के संचालन के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से फूड लाइसेंस लेना होता है।
नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में बाजार स्थित दुकानों, सरकारी और निजी कार्यालयों में मटके का स्थान और विभिन्न स्थानों पर लगने वाली प्याऊ का स्थान भी केन ने ले लिया है। अब दुकानदार या स्वयंसेवी संगठन भी आपस में मिलकर एक स्थान पर पानी के केन रखवा देते है। सामाजिक कार्यक्रम अथवा समारोह में इनकी दिनों-दिन मांग बढ़ती जा रही है। इसके कारण नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों में करीब 40 से अधिक लोग वाटर केन सप्लाई का कार्य कर रहे है। इसमें भी पानी बोरिंग अथवा कुएं का उपयोग का उपायोग होता है। इसके कारण कई वाटर केन सप्लायर सिर्फ पानी को ठंडा कर सप्लाई कर देते है। पानी को नियमित रूप से फिल्टर किया जा रहा है या नहीं इसकी भी कोई गारंटी नहीं होती है। पानी अथवा प्लांट की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से नियमित जांच नहीं होने से इनके हौसले बुलंद है।
फैक्ट फाइल
- 40 से अधिक वाटर केन सप्लायर
- 20 हजार के करीब केन की प्रतिदिन सप्लाई
- 15 से 20 लीटर का केन होता सप्लाई
- 20 से 25 रुपए प्रति केन जाते है वसूले
- 3 लाखलीटर के करीब पानी सप्लाई
नहीं होती मापदंड की पालना
केन में बिक रहा पानी बैक्टीरिया रहित है या नहीं। इसकी जांच होनी चाहिए। मापदंड के अनुसार बाजार में बिकने वाला पानी रिवर्स ऑसमोसिस आरओ से शुद्ध होना चाहिए। ओजोन गैस से पानी का 90 प्रतिशत ट्रीटमेंट जरूरी है ताकि पानी में बैक्टीरिया पैदा ना हो।पानी तैयार करने का प्लांट स्टेनलेस स्टील की पाइप लाइनयुक्त होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं होगा, तो पानी में बैक्टीरिया पनप सकता है।
इनका भी नहीं रखा जाता ध्यान
- केन की साफ-सफाई परभी नहीं रखते ध्यान
- सप्लाई करने वाले बरतते है लापरवाही
- पानी के टीडीएस की नहीं होती जांच
- केन में बचे पानी को व्यर्थ बहा देते है।
टंकी रखकर होने लगा पानी सप्लाई
वाटर केन सप्लायर पहले आर ओ प्लांट पर वाटर केन की धुलाई करने के बाद उसे भरकर टैपो के माध्यम से पहुंचाते थे। अब टैपो में ही बड़ी पानी की टंकी भरकर रख ली जाती है। उसमें दो-तीन लड़के खाली केन लेकर आते है। उसमें बचे पानी कोफैंकते है अथवा उसी में भरकर वापस रख देते है। इससे पानी की भी बर्बादी होती है।
इनका कहना है...
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर आरओर प्लांट से पानी के सेपल लिए जाते है। उनकी जांचभी करवाई जाती है।
- डॉ. स्वाति शिन्दे, ब्लॉक मुय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी किशनगढ़।

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