नीति आयोग ने मांगी शोध कार्य की जानकारी

नीति आयोग ने मांगी शोध कार्य की जानकारी

Kali Charan kumar | Publish: May, 14 2019 07:41:32 PM (IST) Kishangarh, Ajmer, Rajasthan, India

राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का होगा मूल्यांकन
रूसा के माध्यम से कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने मांगी सूचनाएं

सत्येन्द्र शर्मा
मदनगंज-किशनगढ़.
नीति आयोग की ओर से राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के माध्यम से कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने सभी सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों से संकाय सदस्यों के शोध कार्यों की जानकारी मांगी है। यह जानकारी नीति आयोग के पास भेजी जाएगी। देश के योजना आयोग की जगह बनाए गए नीति आयोग की ओर से राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए रूसा के माध्यम से सभी सरकारी उच्च शिक्षण संस्थाओं राजकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, कृषि विश्वविद्यालयों, वेटनरी विश्वविद्यालयों के संकाय सदस्यों के शोध कार्यों की सूचना मांगी गई है। इसमे पीएच.डी से लेकर सेमिनार तक के आयोजन और उसमे शामिल होने की सूचनाएं शामिल है।

नीति निर्धारण में मिलेगी मदद
इन शोध कार्यों की सूचनाओं को नीति आयोग के पास भेजा जाएगा। जहां नीति आयोग उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन करेगा और इसके बाद नई नीति का निर्धारण किया जा सकता है। इसमे उच्च शिक्षा में बदलाव भी शामिल हो सकता है।
यह भेजी शोध सूचनाएं
महाविद्यालय में 35 पीएच.डी धारक है। 40 रिसर्च प्रोजेक्ट, 10 टीचर रिसर्च फैलो, 8 राष्ट्रीय स्तर की सेमिनार, 15 विश्वविद्यालय स्तर की पुस्तकों का लेखन शामिल है। वहीं 20 से अधिक राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय जर्नल्स में लेख प्रकाशित हो चुके है। वहीं प्राचार्य का पीएच.डी सुपरविजन, 7 रिसर्च प्रोजेक्ट, 1 टीचर रिसर्च फैलो, 2 सेमिनार आयोजन और विभिन्न पुस्तकों का लेखन शामिल है।
रिसर्च सुपरवाइजर की कमी
अधिकतर उच्च शिक्षण संस्थाओं में रिसर्च सुपरवाइजर की कमी है। महाविद्यालय प्राचार्य के पास प्रशासनिक कार्यभार इतना अधिक हो जाता है कि रिसर्च सुपरपाइजर का कार्य नहीं देख सकता है। रिसर्च सुपरवाइजर की नियुक्ति अलग से की जाए तो उच्च शिक्षा संस्थाओं के संकाय सदस्यों की शोध क्षमता का पूरा उपयोग किया जा सकता है।
शोध कार्य को मिलेगा प्रोत्साहन
उच्च शिक्षा संस्थाओं से शोध कार्य की सूचना मांगे जाने के बाद रूसा से अनुदान मिलना भी इन शोध कार्यों के आधार पर तय किया जा सकता है। इससे भविष्य में शोध कार्य को प्रोत्साहन मिलेगा।
इनका कहना है-
रूसा कार्यक्रम के माध्यम से आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा निदेशालय की ओर से समस्त संकाय सदस्यों के शोध कार्यों की सूचना मांगी गई है। यह सूचना भिजवा दी गई है।
-सहदेवदान बारहठ, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय, किशनगढ़।

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