संविदा के भरोसे आईटीआई

संविदा के भरोसे आईटीआई

Kali Charan kumar | Updated: 06 Jul 2019, 12:16:15 PM (IST) Kishangarh, Ajmer, Rajasthan, India

नियमित अनुदेशकों का अभाव बना परेशानी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मदनगंज-किशनगढ़. नगर के अजमेर रोड परासिया स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) संविदा प्रशिक्षकों के भरोसे चल रही है। इसमे नियमित कर्मचारी नाम मात्र के है। इससे नियमित कामकाज सहित अन्य परेशानियां आती है।
आईटीआई में नियमित अनुदेशकों की काफी कमी है। यहां मात्र 2 नियमित अनुदेशक और 1 अधीक्षक है। यहां 15 अनुदेशक संविदा पर लगे हुए है। इनमे से कई अनुदेशक पिछले कई वर्षांे से कार्यरत है।
गुणवत्ता पर असर
नियमित अनुदेशकों की कमी से शैक्षिक एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है। नियमित अनुदेशक मौजूद हो तो इतने संविदा पर अनुदेशकों की आवश्यकता नहीं पड़े और प्रशिक्षण का प्रबंधन आसानी से किया जा सकेगा। नियमित अनुदेशकों को पर्याप्त वेतन और भत्ते मिलने से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ती है। नियमित अनुदेशक को अन्य सरकारी कामकाज सौंपा जा सकता है। इसके साथ ही नियमित अनुदेशक सरकार की ओर से आयोजित होने वाली कार्यशालाओं में शामिल हो सकते है।
मिलता है कम वेतन
संविदा पर कार्यरत अनुदेशकों को मात्र 10 हजार रुपए प्रतिमाह ही मिलता है। राजकीय आईटीआई होने के बावजूद संविदा वाले अनुदेशकों को कम भुगतान किया जाता है। कौशल विकास के अभियान को देखते हुए भी यह भुगतान कम है। इनका भुगतान नियमित अनुदेशकों की तुलना में आधा भी नहीं है। इस कारण संविदा वाले अनुदेशकों का मनोबल और उत्साह कम रहता है।
362 प्रशिक्षणार्थी
इस आईटीआई में 8 टे्रड और 18 यूनिट है। टे्रड में फिटर, विद्युतकार, इलेक्ट्रोनिक्स मैकेनिक, मैकेनिक रेफ्रिजरेशन एंड एयरकंडीशनर, मैकेनिक डीजर, कोपा, वेल्डर और स्टोन प्रोसेसिंग शामिल है।

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