kishangrh_किसानों से सीधी खरीद का मिलेगा लाईसेंस

कृषि विपणन विभाग ने छेड़ा अभियान
मिल संचालकों को किसान बेच सकेंगे अपनी उपज

By: kali charan

Published: 08 Apr 2020, 10:35 AM IST

सत्येन्द्र शर्मा
मदनगंज-किशनगढ़.
वर्तमान में कृषि उपज मंडी बंद होने के कारण किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं बाजार में विभिन्न खाद्य सामग्री की मांग बढ़ गई है। इसको देखते हुए कृषि विपणन विभाग की ओर से मिल संचालकों को लाईसेंस देने का राज्य भर में अभियान छेड़ा गया है। मिल संचालक लाईसेंस लेने के बाद किसानों से उनकी उपज सीधे खरीद सकेंगे।
कृषि विपणन विभाग की ओर से मिल संचालकों को किसानों से उनकी उपज खरीद के लिए लाईसेंस दिया जाएगा। राज्य के मंडी क्षेत्रों में आटा, दाल, चावल, तेल आदि मिलों को किसानों से कृषि जिंसों से सीधी खरीद के लाईसेंस के लिए कृषि विपणन विभाग ने अभियान छेड़ा है। अभी तक प्रसंस्करण की अधिकतर इकाइयों ने व्यापारी का लाइसेंस ले रखा है जिससे वे मंडी के व्यापारियों से कृषि जिंसों की खरीद करते है। सीधी खरीद का लाईसेंस लेने के बाद प्रसंस्करण इकाइयां सीधे तौर पर किसानों से कृषि जिंसों की खरीद कर सकेंगी। इससे किसानों की तैयार फसल के विक्रय के लिए वैकल्पिक विक्रय केंद्र उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही प्रसंस्करण इकाइयों को भी आवश्यकतानुसार कच्चा माल मिल सकेगा। इससे बाजार में भी खाद्य सामग्री की उपलब्धता बढ़ जाएगी।
आसान की प्रक्रिया
कृषि विपणन विभाग की ओर से सीधी खरीद के लाईसेंस की शर्तों में कई छूट दी गई है। सीधी खरीद के अनुज्ञापत्र के लिए व्यापारी, प्रसंस्करण इकाई आदि की ओर से संबंधित मंडी सचिव के कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदक को मात्र सीधी खरीद के नाम एवं एक दिन की औसत खरीद की सूचना के साथ आवेदन करना होगा। अगर पहले से ही व्यापारी वर्ग का अथवा संयुक्त पत्र का अनुज्ञापत्र की पत्रावली में प्रस्तुत किए गए थे उनकी स्व हस्ताक्षर प्रति भी मान्य होगी। जिन आवेदकों के पास पूर्व में मंडी की ओर से जारी व्यापारी वर्ग अथवा संयुक्त वर्ग का अनुज्ञापत्र नहीं है उन्हे आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
20 मिल है संचालित
किशनगढ़ कृषि उपज मंडी समिति के क्षेत्र में इस समय 20 मिले संचालित है। इसमे सर्वाधित 15 आटा मिल, 4 दाल मिल और 1 तेल मिल संचालित है। वर्तमान में यह मिल संचालक मंडी व्यापारियों से खरीद करते है। कुछ व्यापारीभी है जो मिलों का भी संचालन करते है। मंडी बंद होने के कारण लाईसेंस मिलने पर किसान इन्हें अपनी उपज बेच सकेंगे। वहीं विक्रय पर्ची के आधार पर मंडी समिति को शुल्क भी मिलेगा।
किसानों को मिलेगी राहत
लाईसेंस धारकों की ओर से किसानों से सीधी उपज खरीद शुरू करने पर किसानों को राहत मिलेगी। वर्तमान में अधिकतर खेतों में फसल काटी जा चुकी है और कई जगह यह कार्य अंतिम चरण में है। लाईसेंस धारकों को उपज बेचने की छूट मिलने पर किसानों को उनकी फसल की कीमत मिल जाएगी। इससे वह अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकेंगे।
इनका कहना है-
विभाग की ओर से आदेश मिले है। इस संबंध में व्यापारियों और मिल संचालकों को जानकारी दे दी गई है। आवेदन मिलते ही लाईसेंस देने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाएगी।
-रामलाल जाट, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, किशनगढ़।

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