बणी ठणी और फूल महल की चित्रकारी से सजी आरओबी की भुजा

किशनगढ़ शैली के साथ ही शाहपुरा की फड शैली से भी बनाए गए चित्र
राजस्थानी परम्पराओं और जीवन शैली की पहचान के लिए बनाए गए चित्र

By: Narendra

Updated: 15 Sep 2020, 12:29 AM IST

मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर).

यदि आप अजमेर से किशनगढ़ के शहरी क्षेत्र में आ रहे हो तो आपको किशनगढ़ शैली और शाहपुरा की प्रसिद्ध फड शैली के सुंदर चित्र नजर आएंगे।

किशनगढ़ के परासिया रेलवे फाटक पर बनी आरओबी की एक भुजा पर यह चित्र बनाए गए है, ताकि यहां से आवागमन करने वाले हरेक शख्स को राजस्थानी परम्पराओं और राजवंश के समय के जन जीवन का पता चले। भीलवाड़ा के शाहपुरा निवासी फड शैली के प्रसिद्ध चित्रकार अभिषेक जोशी ने बताया कि तैयार भुजा के पिल्लर और ऊपरी दीवार पर किशनगढ़ शैली और शाहपुरा की प्रसिद्ध फड शैली के चित्र बनाए गए है। चित्रकार जोशी ने बताया कि यहां बड़े और छोटे समेत 52 चित्र उकेरे से गए है। यह चित्र गोल और चौकर पिल्लर समेत दीवार की सतह पर बना गए है। इनमें फड शैली के 47 और किशनगढ़ शैली के 5 चित्र बनाए है। किशनगढ़ी शैली की प्रसिद्ध बणी ठणी और गुंदोलाव झील और फूल महल के चित्र बनाए गए है। इसके अतिरिक्त यहां फड शैली में शाही सवारियां, शाही बारातें, ढोला मारू और, हाथी-घोडे, नौका विहार, होली त्यौहार के पारंपरिक चित्र, ग्रामीण परिदृश्य के चित्र, बच्चों के सितोलिया खेलने और ग्रामीण महिलाओं के घरेलू काम करते हुए चित्रों से दीवारों और पिल्लरों को सजाया गया है। लिम्का बुक और अमेरिकी बुक समेत 15 रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके चित्रकार अभिषेक जोशी ने बताया कि आरओबी की भुजाओं पर ऐसी चित्रकारी का उद्द्ेश्य राजस्थानी और हमारी प्राचीन परंम्पराओं के साथ जन जीवन से लोगों को रू ब रू कराना है।

Narendra Desk/Reporting
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