14 लाख नागरिकों को स्वदेश लौटाया:मंत्री

वैश्विक महामारी के बाद लोगों में आत्मनिर्भर बनने की भावना से देश और शक्तिशाली बनता जा रहा है। कठिन हालात में भारतीयों ने अपनी प्रतिभा को दर्शाया और स्थिति में बदलाव के लिए अथक प्रयास किया, जिसका परिणाम सामने आ रहा है

By: Rabindra Rai

Published: 16 Sep 2020, 04:50 PM IST

विशेष ऑनलाइन सत्र में बोले हरदीप सिंह पुरी
कोलकाता. वैश्विक महामारी के बाद लोगों में आत्मनिर्भर बनने की भावना से देश और शक्तिशाली बनता जा रहा है। कठिन हालात में भारतीयों ने अपनी प्रतिभा को दर्शाया और स्थिति में बदलाव के लिए अथक प्रयास किया, जिसका परिणाम सामने आ रहा है। सामाजिक संस्था प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा आयोजित विशेष ऑनलाइन सत्र 'द राइट सर्किलÓ में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह बातें कही। इस विशेष चर्चासत्र में पूर्व राजनीतिक, लेखक और विदेश नीति विश्लेषक, टीसीए राघवन के साथ बातचीत के दौरान सवाल का पुरी जवाब दे रहे थे।
एक सवाल के जवाब में पुरी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब अपनी सीमाओं को दुनिया के लिए बंद करने का रास्ता नहीं समझना चाहिए। हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक प्रणाली के जरिये अधिक और बेहतर उत्पादक बनने का लक्ष्य हासिल करना है। हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी), मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ चौथी औद्योगिक क्रांति के शिखर पर हैं। इसमें हमें यह सुनिश्चित करना है कि हम सिर्फ नट और बोल्ट न बनकर रह जाएं।
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बुनियादी ढांचा बनाने में मदद
दो किताबें 'पेरिलस इंटरवेंशनÓ और 'डेल्यूशनल पॉलिटिक्सÓ लिख चुके पुरी ने कहा कि महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने 6 मई से अबतक दुनिया भर के विभिन्न देशों से 14 लाख नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लौटाने में सफलता हासिल की है। मैं कह सकता हूं कि यह मानव इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा निकासी मिशन है। मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन ने हमें आवश्यक बुनियादी ढांचा बनाने में मदद की है, जिसमें आवश्यक बेड की संख्या, पीपीई किट, वेंटिलेटर, दवाएं आदि, जिन्हें देश में सप्लाई करने के साथ दुनिया के कई देशों में भी भारी मात्रा में निर्यात किया गया है, इनमें से कुछ विकसित देश भी शामिल हैं।
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फिर सामान्य स्थिति में सफर करेंगे यात्री
पुरी ने कहा कि कोरोना काल में जीवन और आजीविका को प्राथमिकता देने का निर्णय लेना काफी कठिन कार्य था, जिसे प्रधानमंत्री ने बखूबी पूरा किया है। केंद्र सरकार के फैसले के बाद 22 मई को घरेलू यात्री विमानों को खोला गया। इसके बाद देशभर में इन विमानों से 2.5 से 3 लाख यात्रियों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाया गया। दिवाली तक हम प्रतिदिन 1.5 से 2 लाख यात्रियों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस साल के अंत तक हम फिर से सामान्य स्थिति में यात्रियों को सफर करवा पायेंगे।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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