ऑफिस टाइम में 95 फीसदी चलेंगी लोकल ट्रेनें

पश्चिम बंगाल में अब ऑफिस टाइम (व्यस्त समय) में 95 फीसदी क्षमता के साथ लोकल ट्रेनें चलेंगी। गुरुवार की शाम राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय ने बताया कि ऑफिस टाइम में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 95 फीसदी ट्रेनें चलाने का निर्णय किया है।

By: Rabindra Rai

Published: 13 Nov 2020, 12:00 AM IST

सहूलियत: राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों में बैठक में फैसला
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए उठाया कदम
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में अब ऑफिस टाइम (व्यस्त समय) में 95 फीसदी क्षमता के साथ लोकल ट्रेनें चलेंगी। गुरुवार की शाम राज्य सरकार और रेलवे अधिकारियों के बीच हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय ने बताया कि ऑफिस टाइम में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 95 फीसदी ट्रेनें चलाने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेलवे अधिकारियों से और ट्रेनें चलाने की अपील की थी। फिलहाल ऑफिस टाइम में 75 फीसदी ट्रेनें ही चल रही थीं। चालू सप्ताह से ही यह फैसला लागू होने की संभावना है। पूर्व रेलवे के सियालदह खंड में 413 उपनगरीय ट्रेनें जबकि हावड़ा खंड में 202 ट्रेनें बुधवार से चलनी शुरू हुई हैं। दक्षिण-पूर्व रेलवे 81 नियमित ट्रेनों का परिचालन कर रहा है।
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ट्रेनों में नजर आई भीड़
लोकल ट्रेन सेवा शुरू होने के एक दिन बाद ही गुरुवार सुबह ट्रेनों में भारी भीड़ और कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ती दिखाई दी।
यात्री उन लोकल ट्रेनों में भी चढ़ रहे थे, जो पहले से ही भरी हुई थीं। इसके साथ कई स्टेशनों पर टिकट काउंटरों पर यात्रियों की लंबी लाइन देखी गई। कहीं भी कोरोना काल के नियमों का पालन नहीं करते देखा गया है। दूसरी ओर, सियालदह की दक्षिण शाखा के बारुईपुर में भीड़ भरी ट्रेन से गिर कर एक वृद्ध घायल हो गया।
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ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग
कई यात्रियों ने मांग की कि व्यस्त समय में ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री ने बुधवार को रेलवे अधिकारियों से अपील की थी कि वे ज्यादा ट्रेन चलाएं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यात्रियों को भीड़-भाड़ का सामना न करना पड़े। रेलवे पुलिस कर्मी और अन्य अधिकारी स्टेशन परिसरों में यात्रियों की संख्या को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे। उनकी ये कोशिशें खास तौर पर सियालदह और हावड़ा रेलखंडों में नाकाम दिखीं।
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10 लाख यात्रियों ने की यात्रा
बैठक के बाद रेलवे अधिकारियों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकल ट्रेनों से प्रत्येक दिन करीब 30 लाख यात्री सफर करते हैं, ट्रेन सेवा फिर से शुरू होने के बाद गत बुधवार को 10 लाख यात्रियों ने सफर किया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि ऑफिस टाइम में ट्रेनों में भीड़ थी, लेकिन बाद के समय कई ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बहुत ही कम थी।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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