अभिनेता और पूर्व सांसद तापस पाल नहीं रहे

बांग्ला फिल्मों के जाने माने अभिनेता एवं तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद तापस पाल का मंगलवार तडक़े दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वह 61 साल के थे। उनके निधन से सिनेमा और सियासी जगत में शोक छा गया है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि तापस पाल अपनी बेटी से मिलने मुम्बई गए थे।

 

सीएम ममता ने जताया दुख, कहा निधन से हूं स्तब्ध
कोलकाता
बांग्ला फिल्मों के जाने माने अभिनेता एवं तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद तापस पाल का मंगलवार तडक़े दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वह 61 साल के थे। उनके निधन से सिनेमा और सियासी जगत में शोक छा गया है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि तापस पाल अपनी बेटी से मिलने मुम्बई गए थे। मुम्बई से कोलकाता लौटते समय मुम्बई हवाई अड्डे पर उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उन्हें जुहू के एक अस्पताल ले जाया गया,जहां सुबह करीब चार बजे उनका निधन हो गया। उन्हें हृदय संबंधी बीमारियां थीं और पिछले दो साल से लगातार उनका इलाज चल रहा था। पाल कृष्णनगर से दो बार सांसद और अलीपुर से विधायक रह चुके हैं। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तापस पाल के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि वह खबर सुनकर दुखी और स्तब्ध हैं। ममता ने ट्वीट किया कि वह बांग्ला सिनेमा के सुपरस्टार थे, तृणमूल परिवार के एक सदस्य थे। तापस ने दो बार सांसद और विधायक बनकर लोगों की सेवा की। हम उन्हें बहुत याद करेंगे। मेरी सहानुभूति उनकी पत्नी नंदिनी, बेटी सोहिनी और उनके ढेर सारे फैंस के साथ है।
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अभिनेता को मिला था फिल्मफेयर अवार्ड
29 सितम्बर, 1958 को जन्मे पाल ने 22 वर्ष की आयु में अपने करियर का आगाज किया था। उन्होंने दादर कीर्ति फिल्म से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। पाल ने अबोध फिल्म से बॉलीवुड में पदार्पण किया था। इस फिल्म में उनके सामने माधुरी दीक्षित थीं। 80 के दशक में पाल अपने अभिनय के माध्यम से फिल्म प्रेमियों में काफी चर्चित रहे। साहेब, गुरु दक्षिणा, अर्पण, सुरेश साथी सहित कई बांग्ला फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया था। बांग्ला फिल्म अभिनेत्री देवश्री राय, शताब्दी राय, इंद्राणी हलदर और रितुपर्णा सेनगुप्ता जैसी हस्तियों के साथ उनकी फिल्में काफी हिट रही। उन्होंने साहेब (1981), परबत प्रिया (1984), भालोबाशा भालोबाशा (1985), अनुरागर चोयन (1986) और अमर बंधन (1986) जैसी कई हिट फिल्में दी। फिल्म साहेब (1981) के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था।
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विवादों में भी रहे तापस पाल
फिल्म और सियासी दुनिया से अलग पाल विवादों में भी काफी रहे। सीबीआई ने दिसंबर 2016 में रोज वैली चिटफंड घोटाले उन्हें गिरफ्तार किया था। करीब 18 महीने तक में भुवनेश्वर की जेल में न्यायिक हिरासत में रहने के बाद कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर उन्हें जमानत मिली थी। उन्होंने 2014 में एक सभा को संबोधित करते हुए माकपा के लोगों को चप्पल दिखाकर कहा था कि मैं अपने लडक़े घरों में भेजूंगा और रेप करवा दूंगा, इस बयान के कारण वे काफी विवादों में रहे थे। इस बयान के लिए उनकी पत्नी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।

Rabindra Rai Editorial Incharge
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