Politics on separate state in West Bengal: उत्तर बंगाल के बाद अब जंगलमहल अलग राज्य बनाने की मांग

दो भाजपा सांसदों ने पश्चिम बंगाल को विभाजित कर दो और राज्य बनाने की मांग की है। उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग के बाद पार्टी के दूसरे सांसद सौमित्र खां ने राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्र जंगलमहल को अलग राज्य बनाने की मांग की। क्या सचमुच भाजपा ने बंगाल के प्रति अपनी नीति बदल रही है। अगर नहीं तो अखण्ड बंगाल की बात करने वाली भाजपा के दो सांसद अचानक बंगाल के तीन टुकड़ा करने की क्यों मांग कर रहे हैं।

By: Manoj Singh

Published: 22 Jun 2021, 01:36 AM IST

दो भाजपा सांसदों ने की बंगाल को विभाजित कर दो अलग राज्य बनाने की मांग
कोलकाता
दो भाजपा सांसदों ने पश्चिम बंगाल को विभाजित कर दो और अलग राज्य बनाने की मांग की है। उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाने संबंधित पार्टी सांसद जॉन बार्ला की मांग से राजनीतिक पारा बढ़ने के बीच पार्टी सांसद सौमित्र खां ने सोमवार को राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्र जंगलमहल को अलग राज्य बनाने की मांग की। क्या सचमुच भाजपा ने बंगाल के प्रति अपनी नीति बदल रही है। अगर नहीं तो अखण्ड बंगाल की बात करने वाली भाजपा के दो सांसद अचानक बंगाल के तीन टुकड़ा करने की क्यों मांग कर रहे हैं।

बाकुड़ा जिले के विष्णुपुर से पार्टी सांसद सौमित्र खां ने इस दिन कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें बाहरी नहीं कह सकती हैं। वे जंगलमहल को अलग राज्य गठन करने की मांग कर रहे हैं, जिसमें पुरुलिया, बाकुड़ा, झारग्राम, पश्चिम मेदनीपुर और हुगली के कुछ हिस्से को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इतने छोटे राज्य बनाने में कोई दिक्कत नहीं है।देश के पूर्वोत्तर हिस्से में अनेक छोटे-छोटे राज्य हैं, जहां बहुत ही कम विधानसभा सीटें हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के जंगलमहल इलाके का विकास नहीं हुआ है। हमेशा से उक्त इलाके और वहां के लोगों को वंचित किया गया है। इस लिए क्षेत्र के विकास के लिए वे जंगलमहल अलग राज्य की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले अलीपुरदुआर से भाजपा सांसद जॉन बार्ला ने उत्तर बंगाल को अलग राज्य बनाने की मांग की। उन्होंने ने उत्तर बंगाल के चाय बागान इलाके की गरीबी का हवाला दिया था। उन्होंने अपनी मांग के बारे में केन्द्र सरकार को बताने की बात कही है। दूसरी और तृणमूल कांग्रेस ने उत्तर बंगाल में चार धाराओं के तहत जॉन बार्ला के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें से एक धारा राष्ट्र द्रोह का होने की खबर है।
बंगाल को एक राज्य समझते हैं- दिलीप घोष
दो भाजपा सांसदों की ओर से पश्चिम बंगाल को विभाजित कर दो अलग राज्य बनाने की मांग पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल को एक राज्य के रूप में मानते हैं। उनकी पार्टी बंगाल विभाजन का समर्थन नहीं करती है। लोगों पर अत्याचार हो रहा है। राज्य में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। सरकार पर लोगों का विश्वास नहीं है। इस लिए ऐसे बयान आ रहे हैं।
सभी को मिलकर रोकना होगा बंगाल विभाजन- माकपा
माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने कामतापुरी और अन्य अलगाववादी शक्तियों का साथ दिया था, जो बंगाल विभाजन कर अलग राज्य की मांग करते रहे हैं। अच्छा होगा कि बंगाल को विभाजित होने से बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
किसी कीमत पर नहीं होने देंगे बंगभंग- कांग्रेस
कांग्रेस सांसद प्रो. प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि एक बार बंगाल विभाजन हो गया है। दो बारा बंटवारे का कांग्रेस पूरजोर विरोध करेंगी। प्रदेश भाजपा कह रही है कि वह बंगाल विभाजन के पक्ष में नहीं है तो वह अलग राज्य की मांग करने वाले अपने नेताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।

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Manoj Singh Reporting
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