अब कोलकाता में एकता प्रदर्शन करेंगे विपक्षी

अब कोलकाता में एकता प्रदर्शन करेंगे विपक्षी

MANOJ KUMAR SINGH | Publish: Jul, 13 2018 09:01:55 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

ममता ने किया सर्दी आते ही ब्रिगेड़ रैली करने का एेलान, तृणमूल की रैली में होगा देश भर के क्षेत्रीय नेताओं का जमावड़ा

 

दिल्ली में सत्ता परिवर्तन का बजाएंगे बिगुल
कोलकाता

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू के बाद दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के लिए देश भर के भाजपा विरोधी विपक्षी दल अब कोलकाता में अपनी एकता की शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। इनका अगला जमावड़ा कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की सभा में होगा। ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि सर्दी में तृणमूल कांग्रेस ब्रिगेड मैदान में सभा करेंगी। सभा में दूसरे राज्यों की क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। बारिश के मौसम में ब्रिगेड परेड मैदान में सभा करने का ठीक समय नहीं है। बारिश में लोगों को रैली में आने में परेशानी होती है। इस लिए ब्रिगेड मैदान में सभा बुलाने का सही समय सर्दी का मौसम है। हालांकि अभी ब्रिगेड रैली की तारीख तय नहीं है। इससे पहले बेंगलुरू में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमार स्वामी के शपथ समारोह में देश भर के विपक्षी दलों के कद्दावर नेताओं ने भाजपा के खिलाफ एकता का प्रदर्शन किया था। शपथ समारोह में ममता बनर्जी, चंद्रबाबु नायडू, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया था।
ब्रिगेड परेड मैदान में रैली करने से पहले हर साल की तरह इस साल 21 जुलाई को धर्मतला के विक्टोरिया भवन के सामने तृणमूल कांग्रेस शहीद सभा करने जा रही है। उक्त सभा से ममता बनर्जी की ओर से भाजपा के खिलाफ बिगुल फूंकेंगी।

राज्यपाल का गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर

-कहा, स्कूल पाठ्यक्रम और शिक्षकों की भागीदारी पर है पूरा ध्यान
कोलकाता

राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने गुरुवार को गुणवत्ता परख शिक्षा को विकसित करने पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने युवाओं को प्रेरित करने के साथ स्कूल के पाठ्यक्रम और शिक्षकों की भागीदारी पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें हमारा आगे बढऩे का रास्ता दिखाती है। इन दिनों शिक्षा सीखने वालों पर आधारित हो रही है। वे एसोचैम की ओर से आयोजित एडु मीट 2018 में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा समूचा ध्यान स्कूल के पाठ्यक्रम और शिक्षकों की भागीदारी पर है। प्राथमिक स्कूल नीति से पता चलता है कि देश को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा की रोशनी कितनी जरूरी है। स्कूल नीति बनाए जाने के लिए एसोचैम ने पहले प्री-स्कूल कैम्पेन चलाया और केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को अनेक सलाह दी थी।

 

 

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