बंगाल में फिर टूटा सेतु

बंगाल में फिर टूटा सेतु

Ashutosh Kumar Singh | Publish: Sep, 07 2018 11:11:55 PM (IST) Kolkata, West Bengal, India

-कोलकाता के माझेरहाट के बाद सिलीगुड़ी के फांसीदेवा में हुआ हादसा

- मरम्मत और रखरखाव के अभाव में ढहा सेतु

- लोकनिर्माण विभाग की भूमिका पर फिर उठा सवाल

कोलकाता

कोलकाता के माझेरहाट ब्रिज के ढहने को लेकर मचा बवाल अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि सिलीगुड़ी के फांसीदेवा इलाके में शुक्रवार को एक सेतु टूट गया। यह हादसा सुबह लगभग साढ़े नौ बजे हुआ। फांसीदेवा और चट्टहाट को जोडऩे वाले सेतु से ईंट से लदा एक ट्रक गुजर रहा था, तभी ब्रिज टूट गया। सेतु अग्रेजी के ‘वी’ आकार में लटका हुआ है। ट्रक चालक बाल-बाल बच गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। समाचार लिखे जाने तक राहत व बचाव कार्य जारी था। ट्रक से ईंट उतार लिया गया था। ट्रक सेतु पर फंसा हुआ था।

बीडीओ प्रणव कुमार मजूमदार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद थे। पिछला नदी पर बने सेतु के टूटने से चट्टहाट से लोगों का सम्पर्क टूट गया है। बार-बार सेतु टूटने की घटना से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। सरकार के प्रति लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि मरम्मत और रखरखाव के अभाव में राज्य में आए दिन सेतु टूटने की घटनाएं घट रही हैं। बार-बार हादसे के बावजूद राज्य सरकार इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोलकाता का माझेरहाट ब्रिज का एक हिस्सा मंगलवार शाम लगभग साढ़े चार बजे अचानक ढह गया था। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। 25 से अधिक लोग घायल हो गए थे। अभी भी १३ लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

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जिम्मेदारी से बचने का प्रयास
माझेरहाट सेतु की तरह फांसीदेवा सेतु हादसे में भी राज्य सरकार जिम्मेदारी लेने से बचने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल पर पहुंचे उत्तर बंग विकास मंत्री रवीन्द्रनाथ घोष ने कहा कि उक्त सेतु वर्ष 1990 में वाममोर्चा के शासनकाल में बना था। सेतु के रखरखाव की जिम्मेदारी माकपा शासित सिलीगुड़ी महकमा परिषद की है। इधर माकपा नेता जीवेश सरकार का कहना है कि सेतु वर्ष 2001-2002 में बना था। सेतु की हालत जर्जर थी। इस बावत लोकनिर्माण विभाग को सूचित किया गया था। मरम्मत की योजना बना कर विभाग के पास भेजा गया था, लेकिन फंड नहीं मिलने के कारण मरम्मत नहीं हो सकी।

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27 दिन में सेतु टूटने का दूसरा मामला

सिलीगुड़ी में पिछले 27 दिनों के अंदर सेतु टूटने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले १० अगस्त 2018 की रात 3.30 बजे फांसीदेवा थाने क्षेत्र के 31 डी राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर ढह गया था। हालांकि उक्त हादसे में भी कोई हताहत नहीं हुआ था। ब्रिज का निर्माण लार्सेन व टूर्बो कर रही थी।

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