कोलकाता: घर वापसी की सभा में पत्रकारों को पिटाई, हिन्दू संहति के प्रमुख सहित 4 गिरफ्तार

Manoj Kumar Singh

Publish: Feb, 15 2018 06:00:00 (IST)

Kolkata, West Bengal, India
कोलकाता: घर वापसी की सभा में पत्रकारों  को पिटाई, हिन्दू संहति के प्रमुख सहित 4 गिरफ्तार

महानगर के धर्मतल्ला स्थित रानी रासमणि रोड पर बुधवार को हिन्दू संहति की सभा के दौरान कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा हो गया।


कोलकाता

महानगर के धर्मतल्ला स्थित रानी रासमणि रोड पर बुधवार को हिन्दू संहति की सभा के दौरान कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा हो गया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने मीडिया कर्मियों की पिटाई कर दी। इसमें एक बांग्ला समाचार चैनल का संवाददाता घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में संगठन प्रमुख तपन घोष समेत चार को गिरफ्तार किया है।
संगठन के 10 साल पूरे होने पर आयोजित सभा में 15 सदस्यों वाले एक मुस्लिम परिवार को हिन्दू धर्म स्वीकार करने की घोषणा की गई। उन्हें सभा मंच पर बुलाया गया। मीडियाकर्मियों ने जब उक्त परिवार के सदस्यों से धर्मान्तरण का कारण पूछा तो संगठन सदस्य भडक़ उठे। समाचार चैनलों के नाम लेकर गालीगलौज करने लगे। फिर संगठन सदस्यों ने मीडिया कर्मियों की पिटाई शुरू कर दी। इसमें कुछ मीडिया कर्मी घायल हो गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर हेयर स्ट्रीट की पुलिस ने इस मामले में हिन्दू संहति के प्रमुख तपन घोष समेत चार को गिरफ्तार किया

 

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मुख्यमंत्री व नेताओं ने की निंदा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों पर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि पुलिस दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। माकपा, तृणमूल कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने भी हमले की कड़ी निंदा की। माकपा नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि धर्म को लेकर राजनीति संघ का काम है। पत्रकार को सब कुछ जानने का अधिकार है। उनके काम करने से रोकना और उन पर हमला खतरे का संकेत है। तृणमूल महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि हिन्दू संहिता ने धर्मान्तरण कर मीडिया का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की और मीडिया कर्मियों पर हमला किया। वे इसकी कठोर निंदा करते हैं।

पत्रकारों पर हमला निंदनीय

राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष देश में कौन क्या करता है। यह कोई मायने नहीं रखता, लेकिन पत्रकारों पर हमला निंदनीय है। हमलावर न हिन्दू हैं और न ही इनमें संहिता है। दूसरी ओर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी पत्रकारों पर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि पत्रकार को समाचार संग्रह करने का पूरा अधिकार है। उन्हें रोका नहीं जा सकता। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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