COVID-19: ऑडिटोरियम, स्टेडियम और होटल को बदला अस्पताल में

पश्चिम बंगाल में कोविड 19 के बढ़ते मरीजों के प्रबंधन और इलाज के लिए बेड बढ़ाने के प्रयास तेज हो गए हैं। कोरोना के खिलाफ जंग में अब राज्य के ऑडिटोरियम, स्टेडियम और होटल का सहारा लिया जा रहा है। राज्य सरकार के सहयोग से राज्य के निजी अस्पताल आगे आ रहे हैं। ऑडिटोरियम और स्टेडियम में कोविड फील्ड अस्पताल बना रहे हैं।

By: Rabindra Rai

Published: 20 May 2021, 08:27 PM IST

पहल: बंगाल में कोरोना के खिलाफ जंग में इनका भी इस्तेमाल
बढ़ते मरीजों के प्रबंधन और इलाज के लिए बेड बढ़ाने के प्रयास तेज
रवीन्द्र राय
कोलकाता. पश्चिम बंगाल में कोविड 19 के बढ़ते मरीजों के प्रबंधन और इलाज के लिए बेड बढ़ाने के प्रयास तेज हो गए हैं। कोरोना के खिलाफ जंग में अब राज्य के ऑडिटोरियम, स्टेडियम और होटल का सहारा लिया जा रहा है। राज्य सरकार के सहयोग से राज्य के निजी अस्पताल आगे आ रहे हैं। ऑडिटोरियम और स्टेडियम में कोविड फील्ड अस्पताल बना रहे हैं। अस्पताल बड़ी जगह पर ध्यान दे रहे हैं, जहां कम से कम 100 बेड की व्यवस्था हो सके। इसी कड़ी में देश के सबसे बड़े फुटबॉल स्टेडियम कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन, (साल्टलेक स्टेडियम) को एक फील्ड हॉस्पिटल के रूप में तब्दील कर दिया गया है। आमरी हॉस्पिटल ने करीब 250 बेड की व्यवस्था की है। यहां कोविड पॉजिटिव मरीजों का इलाज होगा। इसके अलावा ग्रेट इस्टर्न होटल के कुछ कमरों का भी इस्तेमाल मरीजों के इलाज के लिए किया जाएगा। खासकर हल्के से मध्यम लक्षणों वाले मरीजों को यहां शिफ्ट किया जाएगा। कई लोगों को अपने घर में खुद को अलग-थलग करने की जगह नहीं मिलती है। वे भी यहां इलाज करा सकते हैं। इससे पहले राज्य सरकार के सहयोग से मेडिका सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने जादवपुर के किशोर भारती स्टेडियम में 153 बेड की व्यवस्था की है। इनमें से 103 बेड पाइप के जरिए ऑक्सीजन से जुड़े हुए हैं। इस सेंटर में एक वेंटिलेटर भी है।
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यह मिल रही सहूलियत
सर्वाधिक कोविड मरीजों वाले 20 बड़े शहरों में कोलकाता भी शामिल हो गया है। बढ़ते मामलों के चलते डॉक्टरों, नर्स और सहायक स्टाफ की किल्लत महसूस की जा रही है। ऐसे में बड़ी जगह पर ज्यादा बेड होने से मरीजों के प्रबंधन में आसानी होगी। आमतौर पर एक अस्पताल को संचालित करने के लिए नर्स, डॉक्टर, तकनीकी विशेषज्ञों, हाउसकीपिंग तथा रखरखाव स्टाफ की जरूरत पड़ती है। यदि एक ही स्थान पर 250 बेड की व्यवस्था रहती है तो विशेषज्ञ डॉक्टर आसानी से मरीजों की जांच कर सकते हैं। यह वह कारण है कि निजी अस्पताल बड़ी जगह पर ज्यादा बेड वाले अस्पताल को तरजीह दे रहे हैं।
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हायर कर रहे डॉक्टर और नर्स
अस्थायी उपचार केंद्रों को संचालित करने के लिए अस्पताल अब डॉक्टर और नर्स को हायर (किराये पर) कर रहे हैं। कई को नियुक्त भी किया जा रहा है। अस्पताल ने साल्टलेक स्टेडियम के फील्ड हॉस्पिटल के लिए 75 नर्सों तथा कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति की है। नर्सें शिफ्टों में काम करेंगी, जबकि 10 डॉक्टर अपनी सेवा देंगे। दो से पांच साल के अनुभव वाले डॉक्टरों के अलावा वरिष्ठ डॉक्टर और विशेषज्ञ भी फील्ड अस्पताल में मरीजों पर नजर रखेंगे।
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यहां 300 बेड की व्यवस्था की योजना
मेडिका के चेयरपर्सन आलोक राय ने बताया कि हम पिछले एक पखवाड़े से लगातार डॉक्टर और नर्सों की नियुक्ति कर रहे हैं। हम भवानीपुर में कलकत्ता पुलिस अस्पताल में 300 बेड की व्यवस्था की योजना पर काम कर रहे हैं। यहां कोविड मरीजों का इलाज होगा। हमने कई प्रशिक्षु नर्सों की नियुक्त की है। इनकों अपने प्रमुख अस्पताल में तैनात कर दिया है। यह अनुभवी नर्सों से कामकाज सीख रही है। दूसरी ओर आमरी ने नेताजी इंडोर स्टेडियम में 200 बेड की व्यवस्था करने की योजना बनाई है।
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इनका कहना है
हम साल्टलेक स्टेडियम में बड़ी संख्या में मरीजों का इलाज करने में सक्षम होंगे। हमने चौबीसों घंटे काम किया और केवल पांच दिनों में यहां चिकित्सा सुविधा स्थापित की। हमने जल्द ही कुछ और बेड जोडऩे की योजना बनाई है।
रुपक बरुआ, ग्रुप सीईओ, आमरी हॉस्पिटल्स

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Rabindra Rai Editorial Incharge
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