धड़कन एक विरासत की' परिवार और समाज के लिए एक प्रेरणा-जगदीप धनकड़

'आज जबकि परिवारों में टूटन आ रही है,आपस में मन-मुटाव बढ़ रहे हैं, ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परिवार की सात पीढ़ियों को जोड़ने का प्रयास बहुत प्रशंसनीय है। शाह परिवार का औद्योगिक,सामाजिक,साहित्यिक,शैक्षणिक और सांस्कृतिक योगदान सराहनीय है। आज मुझे अपने जन्म-स्थल झुंझुनू की बातें स्मरण हो आईं।

By: Vanita Jharkhandi

Published: 16 Apr 2021, 03:40 PM IST

 

'आज जबकि परिवारों में टूटन आ रही है,आपस में मन-मुटाव बढ़ रहे हैं, ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परिवार की सात पीढ़ियों को जोड़ने का प्रयास बहुत प्रशंसनीय है। शाह परिवार का औद्योगिक,सामाजिक,साहित्यिक,शैक्षणिक और सांस्कृतिक योगदान सराहनीय है। आज मुझे अपने जन्म-स्थल झुंझुनू की बातें स्मरण हो आईं। इस परिवार से मेरे पुराने ताल्लुकात हैं। हर परिवार यदि ऐसा ही प्रयास करे तो हमारा समाज और देश बहुत ही सुन्दर हो जाए'। ये बातें पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री जगदीप धनखड़ ने झुंझुनू के शाह परिवार के दो सौ वर्षों के इतिहास की पुस्तक 'धड़कन एक विरासत की' का विमोचन करते हुए कही।पुस्तक-विमोचन समारोह मंगलवार,13 अप्रैल को राजभवन में हुआ।

आरम्भ में शाह परिवार की ओर से घनश्याम दास शाह ने श्री जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी श्रीमती सुदेश धनखड़ का परिचय देते हुए बताया की शाह परिवार से इनका प्रगाढ़ सम्बन्ध 35 से है,जब वे केंद्रीय मंत्री की हैसियत से उनके पिताजी स्व.मदनलाल जी शाह के स्मृति ग्रन्थ 'एक सुसंस्कृत लोक-यात्रा' के विमोचन के अवसर पर 1990 में आये थे ।उन्होंने अपने परिवार की पत्रिका 'कुलदीपिका'.परिवार द्वारा आयोजित प्रीति-सम्मेलनों,महासम्मेलनों,शाह फाउंडेशन,चैरिटेबल ट्रस्ट,400 से अधिक युवाओं के यंगस्टर्स' प्रोफेशनल ग्रुप इत्यादि की चर्चा करते हुए अपने नगर झुंझुनू में परिवार द्वारा संचालित 'जे बी शाह गर्ल्स' पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज की चर्चा की।

पुस्तक के संकलकर्ता और संपादक प्रमोद शाह ने बताया कि पुस्तक सात अध्यायों एवं दो परिशिष्टों,सात सौ छतीस पृष्ठों में परिवार के दो सौ वर्षों का इतिहास समोये हुए है। इसमें कई महत्वपूर्ण लेख,साक्षात्कार और संस्मरण ऐसे हैं ,जो परिवार और समाज के लिए अत्यधिक उपयोगी हैं और उत्कृष्ट साहित्य का हिस्सा है। इसमें नगर,समाज और परिवार से सम्बंधित एक सौ एक लेख और सात पीढ़ियों के 84 चार्ट्स हैं।

कार्यक्रम का सफल संचालन किया आकाश शाह ने और धन्यवाद दिया महेश चंद्र शाह ने।आरम्भ में राज्यपाल को फूलों का गुलदस्ता प्रदान किया ओम प्रकाश शाह ने, राज्य की प्रथम महिला का बुके से स्वागत किया सरोजिनी शाह ने।कार्यक्रम के अंत में शाह परिवार की ओर से महामिहम को स्मृति चिन्ह प्रदान किया घनश्यामदास शाह ने और राज्य की प्रथम महिला को प्रतीक चिन्ह दिया इंदिरा और लीला शाह ने।

कार्यक्रम में परिवार के अन्य सदस्यों में कमलाप्रसाद,डॉ.रमेश चंद्र, रामगोपाल, पवनकुमार,हरिकिशन,,सुनीलकुमार,लक्ष्मण कुमार,राजेश,
आतिश,आकाश,निखिल और अंकित शाह उपस्थित थे।

Vanita Jharkhandi Reporting
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